विनेश फोगाट के बाद अब लंदन ओलंपिक के पदक विजेता योगेश्वर दत्त का कभी उनके शिष्य रहे बजरंग के साथ जुबानी दंगल शुरू हो गया है। बजरंग ने योगेश्वर पर आरोप लगाए थे कि उन्होंने कई मौकों पर उनसे जानबूझकर बाउट हारने को कहा। योगेश्वर ने इन आरोपों को झूठा बताया है।
2018 के बाद से योगेश्वर-बजरंग में बंद हुई बातचीत
योगेश्वर ने कहा कि 2016 के ओलंपिक क्वालिफिकेशन के ट्रायल में हम दोनों 65 भार वर्ग में थे, लेकिन उनका आपस में सामना नहीं हुआ। बजरंग सेमीफाइनल में अमित धनकड़ से हार गए थे। वह फाइनल में अमित से भिड़े थे। प्रो रेसलिंग लीग में मेरा और बजरंग का आपस में मुकाबला हुआ था, जिसमें वह 3-0 से जीते थे। वह बजरंग को हमेशा अपने साथ तैयारियों के लिए विदेशी दौरे पर लेकर गए। बावजूद इसके बजरंग उन पर इस तरह के आरोप लगाकर उनके छवि खराब कर रहे हैं।
योगेश्वर के मुताबिक 2018 में बजरंग ने उनसे कहा कि मुझे राष्ट्रमंडल खेलों में खेलने जाने दें और वह खुद एशियाई खेलों में चले जाएं। इस पर उन्होंने कहा कि वह ट्रायल के जरिए आना चाहेंगे। इसके बाद वह गुस्सा हो गए और हमारी आपस में बातचीत बंद हो गई। योगेश्वर ने कहा कि 2016 के बाद उन्होंने किसी टूर्नामेंट और शिविर में भाग नहीं लिया। 2018 के बाद उन्होंने कुश्ती छोड़ दी।
विनेश, बजरंग, साक्षी ने पत्र किया सार्वजनिक
वहीं ट्रायल में छूट को लेकर मचे बवाल के बाद विनेश फोगाट, बजरंग, साक्षी मलिक ने सोशल मीडिया पर खेल मंत्री को लिखे पत्र को सार्वजनिक कर दिया। पत्र में तिथि नहीं है, लेकिन उसमें 10 अगस्त के बाद ट्रायल कराने की बात कही गई है। विनेश ने सोशल मीडिया पर कहा कि हम आंदोलनकारी पहलवानों ने सिर्फ ट्रायल को आगे बढ़ाने की चिट्ठी लिखी थी, क्यों कि बीते छह माह से वे तैयारियां नहीं कर पाए थे। मामले की गंभीरता को समझते हुए हम चिट्ठी साझा कर रहे हैं। विनेश ने लिखा दुश्मन पहलवानों की एकता में सेंध लगाना चाहते हैं, उसे कामयाब नहीं होने दें।