कोरोना जब चीन के वुहान में तबाही मचा रहा था तो उस दौरान जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने वालों की तीमारदारी में जुटे डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ के अलावा एकांतवास में मौजूद संक्रमितों का बड़ा सहारा वूशु मार्शल आर्ट ताई ची बनी थी। एशियाई खेलों के अलावा 2022 यूथ ओलंपिक में शामिल यह मार्शल आर्ट शरीर प्रतिरोधी क्षमता को बढ़ाने का बड़ा हथियार मानी जाती है। अब यही ताई ची वुहान के बाद भारत में कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ेगा।
संक्रमितों को सिखाई जाएगी मार्शल आर्ट कला
वूशु फेडरेशन देश के विभिन्न शहरों में चलाए जा रहे एकांतवास सेंटरों में ऑनलाइन पाठशालाओं के जरिए संक्रमितों को ताई ची कराएगी। विश्व जूनियर चैंपियनशिप में ताई ची में रजत जीतने वाले करनजीत शर्मा और वर्ल्ड कप मेडलिस्ट सना तोंबी के अलावा प्रशिक्षकों ने सोशल मीडिया पर अभियान छेड़ रखा है।
शुरू की जाएंगी ऑनलाइन पाठशालाएं
वूशु फेडरेशन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह बाजवा ने राज्य संघों को पत्र लिखकर एकांतवास सेंटरों व अस्पतालों में ताई ची की ऑनलाइन पाठशाला शुरू करने को कहा है। ज्यादातर संघों ने राज्य और जिला प्रशासन से बातकर पाठशाला शुरू करने की बात भी कर ली है। फेडरेशन के सीईओ सुहेल अहमद ने कहा जब हमें पता लगा कि वुहान में ताई ची ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभाई है तो हमें लगा कि इसे यहां भी शुरू किया जाना चाहिए।