लंबे इंतजार के बाद भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवानों के लिए अनुबंधित किए गए ईरानी कोच हुसैन करीमी से भारतीय कुश्ती संघ ने छह माह में ही तौबा करने का फैसला ले लिया है। करीमी के स्थान पर कुश्ती संघ नया विदेशी कोच अनुबंधित करने का फैसला लिया है। हालांकि ओलंपिक सिर पर होने के कारण फ्रीस्टाइल पहलवानों को आसानी से नया विदेशी कोच मिलना मुश्किल है। रियो ओलंपिक में ईरानी टीम के कोच रहे करीमी को ही अनुबंधित करने में कुश्ती संघ को डेढ़ साल का समय लग गया था।
नूर सुल्तान विश्व चैंपियनशिप में चार पुरुष फ्रीस्टाइल पहलवानों ने देश के लिए पदक जीते, लेकिन कुश्ती संघ इसमें करीमी का योगदान नहीं मानती है। कुश्ती संघ का कहना है कि करीमी के यहां के हालातों से तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं। जिसके चलते पहलवानों को जिस तरह की ट्रेनिंग मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पा रही है।