लंबी मशक्कत के बाद साई ने ओलंपिक संभावितों की तैयारियां शुरू कराने को हरी झंडी दी, लेकिन पहलवानों पर कोरोना का खौफ बुरी तरह सवार है। साई की मंजूरी के बाद भारतीय कुश्ती संघ ने 15 जुलाई के बाद लखनऊ और सोनीपत में ओलंपिक संभावितों का नेशनल कैंप लगाने को कमर कसी, लेकिन महिला पहलवान कैंप में एक साथ अभ्यास करने की इच्छुक नहीं है। महिला पहलवानों के इनकार के बाद कुश्ती संघ ने फिल्हाल कैंप लगाने की योजना टाल दी है। हालांकि पुरुष पहलवानों ने अब तक अपनी राय व्यक्त नहीं की है।
ओलंंपिक संभावितों के अभ्यास का लिया है फैसला
बीते सप्ताह खेल मंत्रालय और साई अधिकारियों के बीच हुई बैठक में फैसला लिया गया कि ओलंपिक क्वालिफाई कर चुके या फिर क्वालिफाई करने की होड़ में शामिल खिलाडिय़ों की ट्रेनिंग शुरू कराई जाए। इसके बाद ही साई ने अपने स्तर पर खिलाडिय़ों से बात करना शुरू की। बॉक्सिंग और साइक्लिंग की तैयारियां शुरू भी होने जा रही हैं, लेकिन जब महिला पहलवानों से बात की गई तो उन्होंने लखनऊ में लगने वाले कैंप में रुचि नहीं दिखाई। इसका बड़ा कारण कोरोना के चलते कैंप से पहले एकांतवास में समय बिताना भी है।
20 महिला पहलवानों का लगना था कैंप
कुश्ती संघ ने 20 महिला पहलवानों का कैंप लगाने की योजना बनाई थी। इनमें विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, पूजा ढांढा, दिव्या काकरान, सोनम, अंशु शामिल हैं। सभी से चीफ कोच कुलदीप सिंह ने बात की, लेकिन ज्यादातर पहलवानों ने कोरोना के चलते कैंप नहीं लगाने के लिए कहा।
हालांकि ज्यादातर पहलवान इस अपने स्तर पर ही तैयारियों में जुटे हैं। साक्षी मलिक रोहतक स्थित अपने घर पर तैयारियां कर रही हैं। पूजा ढांढा जेएसडब्लू की अकादमी में हैं। दिव्या काकरान इस वक्त हिमाचल प्रदेश में तैैयारियां कर रही हैं, जबकि विनेश खरखौदा स्थित अकादमी में तैयारियों में जुटी हैं। कुश्ती संघ का कहना है कि उन्हें कैंप लगाने में अब कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन पहलवानों का राजी होना जरूरी है।