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मनीषा मोन- सरिता देवी विश्व महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप के प्री क्वार्टरफाइनल में पहुंचीं

Fri, 16 Nov 2018 05:39 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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Sarita Devi
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ठीक वैसा ही आगाज हुआ जिसकी कल्पना भारतीय प्रशिक्षकों ने की थी। विश्व महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 18 साल का अपार अनुभव रखने वाली पूर्व वर्ल्ड चैंपियन एल सरिता देवी (60 किग्रा) और हरियाणा की युवा मनीषा मोन (54 किग्रा) के पंचों के आगे विरोधी ढेर हो गए। 

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मनीषा मोन ने तो पिछली चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता अमेरिका की क्रिस्टीना क्रूज को 5-0 से हराकर बड़ा उलटफेर कर डाला। वहीं सरिता ने 2008 से वर्ल्ड चैंपियनशिप खेल रहीं स्विटजरलैंड की डायना सेंड्रा ब्रगर को 4-0 से हराया। अंतिम-16 में भी मनीषा को कजाखस्तान की वर्ल्ड चैंपियन डीना तो सरिता को पिछली वर्ल्ड चैंपियनशिप की उपविजेता आयरलैंड की केली हैंरिग्टन की कड़ी चुनौती से पार पाना होगा।

कोच की रणनीति आई मनीषा के काम 
मनीषा ने मेजबानों के लिए दिन का आगाज शानदार अंदाज में किया। उन्होंने प्रशिक्षकों की रणनीति को पूरी तरह से रिंग में उतारकर रख दिया। कोच राफेल बरगामास्को, शिव सिंह और अली कमर ने क्रूज के खिलाफ दूर से खेलने की रणनीति बनाई थी। क्रूज काउंटर अटैक करती हैं और उनका राइट हुक बेहद खतरनाक है।
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मनीषा ने ठीक वही किया। वह पहले ही दौर से कोच की रणनीति पर खरी उतरीं। उन्होंने बाएं हाथ से लगातार क्रूज को धोखे के पंच दिए जिससे वह आक्रमण पर मजबूर हो गईं। बदले में उन्होंने काउंटर अटैक कर अंक झटके। पांचों जजों ने मनीषा के पक्ष में फैसला दिया। मनीषा ने माना कि उन्होंने वही किया जो कोच ने कहा। उन्हें रणनीति बदलने की जरूरत ही नहीं पड़ी। वह डीना को हाल ही में पोलैंड में हरा चुकी हैं। इससे पहले कजाखस्तान में उन्हें इस बॉक्सर से हार भी मिली है।

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सरिता ने जीत मणिपुरवासियों को समर्पित की

Sarita Devi
सरिता को थोड़ा संघर्ष के बाद जीत मिली, लेकिन उन्होंने अनुभव का पूरा इस्तेमाल किया। उन्होंने साफ किया कि घर में खेलने का दबाव होता है। सभी को उम्मीद रहती है कि सरिता पदक जीते, लेकिन इस बार वह हर हालत में चैंपियन बनना चाहती हैं। उन्होंने अच्छी शुरुआत की है।

वह इस जीत को अपने राज्य मणिपुर के लोगों को समर्पित करना चाहती हैं। इंचियोन एशियाड में पदक ग्रहण नहीं करने पर लगे प्रतिबंध का जुर्माना उनके राज्य की जनता ने एकत्र कर आईबा को सौंपा था। यह उन्हीं के प्यार का नतीजा है कि वह एक बार फिर रिंग में हैं। सरिता के ही भार वर्ग में ओलंपिक मेडलिस्ट फिनलैंड की मीरा ने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन और घुटने में मृत व्यक्ति का टेंडन लगवाने वाली ऑस्ट्रेलिया की आंजा स्ट्राइड्समैन को हराया। 
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