सरिता को थोड़ा संघर्ष के बाद जीत मिली, लेकिन उन्होंने अनुभव का पूरा इस्तेमाल किया। उन्होंने साफ किया कि घर में खेलने का दबाव होता है। सभी को उम्मीद रहती है कि सरिता पदक जीते, लेकिन इस बार वह हर हालत में चैंपियन बनना चाहती हैं। उन्होंने अच्छी शुरुआत की है।
वह इस जीत को अपने राज्य मणिपुर के लोगों को समर्पित करना चाहती हैं। इंचियोन एशियाड में पदक ग्रहण नहीं करने पर लगे प्रतिबंध का जुर्माना उनके राज्य की जनता ने एकत्र कर आईबा को सौंपा था। यह उन्हीं के प्यार का नतीजा है कि वह एक बार फिर रिंग में हैं। सरिता के ही भार वर्ग में ओलंपिक मेडलिस्ट फिनलैंड की मीरा ने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन और घुटने में मृत व्यक्ति का टेंडन लगवाने वाली ऑस्ट्रेलिया की आंजा स्ट्राइड्समैन को हराया।