वर्ल्ड आर्चरी ने भारतीय तीरंदाजों को बड़ी राहत प्रदान कर दी है। उसकी ओर से भारतीय तीरंदाजी संघ पर फिल्हाल कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जा रहा है और न ही नवगठित कार्यकारिणी के स्थान पर एडहॉक कमेटी के गठन का आदेश दिया जा रहा है। इसका खुलासा हाल ही में भारत का दौरा करने वाले वर्ल्ड आर्चरी के सेक्रेटरी जनरल टॉम डिलेन की ओर से भारतीय ओलंपिक संघ और एएआई को किया गया है।
अमर उजाला के पास मौजूद पत्र में डिलेन ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से एएआई के संविधान पर उचित हल निकाला जाएगा। भारत में बातचीत के दौरान उन्हें बताया गया है कि फैसला आने में छह माह का समय लगेगा, लेकिन 31 को वर्ल्ड आर्चरी की कार्यकारिणी की बैठक है। जिसमें एएआई का मामला रखा जाना है। उन्हें उम्मीद है तब तक इस विवाद का हल निकल आएगा। तब तक बीवीपी राव की अगुवाई वाली कार्यकारिणी काम करती रहेगी।
डिलेन के इस पत्र को आईओए के लिए झटका माना जा रहा है। आईओए ने डिलेन के समक्ष एएआई को मान्यता नहीं देने की बात कही थी, लेकिन डिलेन ने साफ किया है कि खेल सचिव राधेश्याम जुलानिया भी एएआई में एडहॉक कमेटी गठित करने के इच्छुक नहीं हैं। हालांकि डिलेन ने एएआई संविधान में संशोधन की सिफारिशें की हैं। इसमें तीरंदाजों का राज्य संघों से रजिस्ट्रेशन, हितों के टकराव पर स्थिति साफ करने को कहा है।