महिला पहलवानों का राष्ट्रीय शिविर अंतत: 10 अक्तूबर से लखनऊ के भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) केंद्र में शुरू होगा। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने यह जानकारी दी और साथ ही चेताया कि जो पहलवान शिविर में हिस्सा नहीं लेंगी उनके नाम पर राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए विचार नहीं किया जाएगा। इस बीच सोनीपत में इस महीने की शुरुआत में शुरू हुए पुरुष शिविर को भी 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है।
राष्ट्रीय शिविर एक सितंबर से शुरू होना था लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे टाल दिया गया। स्थिति उस समय और खराब हो गई जब ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुके देश के चार पहलवानों में से दो विनेश फोगाट और दीपक पुनिया कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए जिससे कई पहलवान डर गए।
स्थिति का आकलन करने और भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) की सलाह पर डब्ल्यूएफआई ने छह ओलंपिक भार वर्ग में शिविर शुरू करने का मन बना लिया है जिसमें 50 किग्रा, 53 किग्रा, 57 किग्रा, 62 किग्रा, 68 किग्रा और 76 किग्रा वर्ग शामिल हैं। यह शिविर 31 दिसंबर तक चलेगा।
पहलवानों को 14 दिन के एकांतवास से गुजरना होगा और परीक्षण में निगेटिव आने के बाद ही उन्हें ट्रेनिंग की इजाजत दी जाएगी। यह पूछने पर कि क्या विनेश शिविर से जुड़ने पर राजी हो गई हैं, तोमर ने कहा कि डब्ल्यूएफआई उनकी जरूरतों का इंतजाम करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘वह विदेश में ट्रेनिंग करना चाहती हैं लेकिन मौजूदा स्थिति में हम शिविर में उन्हें ट्रेनिंग के लिए अच्छे जोड़ीदार देंगे।’ शिविर से जुड़ने को लेकर अंदेशा जता चुकी दिव्या काकरान के पिता सूरज ने बताया कि वह शिविर में हिस्सा लेंगी।
विनोद तोमर, सहायक सचिव डब्ल्यूएफआई
हम लखनऊ में 10 अक्तूबर से शिविर शुरू कर रहे हैं। शिविर में पहलवानों की संख्या पहले के समान रहेगी, छह ओलंपिक भार वर्ग में तीन-तीन खिलाड़ी शिविर में हिस्सा लेंगी।