नोवाक जोकोविच, एंडी मरे और राफेल नडाल
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विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट में रूस और बेलारूस खिलाड़ियों को खेलने से रोकने के फैसले पर नोवाक जोकोविच, एंडी मरे और राफेल नडाल ने आलोचना की है। टेनिस के इन दिग्गज खिलाड़ियों ने कहा कि विंबलडन ने अनुचित फैसला किया है। यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद ऑल इंग्लैंड क्लब (एईसी) ने यह फैसला लिया। इस युद्ध में बेलारूस ने रूसी सरकार का समर्थन किया है। साल का तीसरा ग्रैंड स्लैम विंबलडन 27 जून से शुरू हो रहा है।
टूर्नामेंट में नहीं खेलना निराशाजनक
20 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता नोवाक जोकोविच ने इन खिलाड़ियों की स्थिति की तुलना जनवरी में उस स्थिति से की जब वह आस्ट्रेलियाई ओपन में भाग नहीं ले पाए थे। कोविड-19 का टीका नहीं लगवाने के कारण तब उन्हें ऑस्ट्रेलिया से निर्वासित कर दिया गया था। जोकोविच ने कहा कि यह अलग मामला है लेकिन इस साल के शुरू में मैं भी इसी तरह की स्थिति से गुजरा था। यह जानकर निराशा होती है कि आप किसी टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएंगे। उन्होंने कहा कि विंबलडन का फैसले का समर्थन नहीं करता। यह उचित नहीं है।
खिलाड़ियों के लिए बुरा लगता है: एंडी मरे
ब्रिटेन के एंडी मरे ने कहा कि विंबलडन में खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला सही नहीं है। मैं इसका समर्थन नहीं करता। उन्होंने कहा कि बहुत बुरा लगता है कि उन खिलाड़ियों के लिए जिन्हें खेलने की अनुमति नहीं है। साथ ही विंबलडन में काम करने वाले लोग भी अभी मुश्किल स्थिति में हैं। सभी के लिए महसूस करता हूं। रूसी और बेलारूस के खिलाड़ियों से हस्ताक्षर करवाकर खेलने की अनुमति दी जा सकती है।
युद्ध के लिए खिलाड़ी दोषी नहीं: नडाल
रिकॉर्ड 21 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता नडाल ने कहा कि रूस के टेनिस साथियों के साथ अनुचित हो रहा है। युद्ध में अभी जो कुछ हो रहा है, वह उनकी गलती नहीं है। मुझे उनके लिए खेद है। विंबलडन ने स्वयं ही अपना फैसला लिया। सरकार ने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं किया। स्पेन के खिलाड़ी ने कहा कि देखते हैं अगले कुछ हफ्ते में क्या होता है। क्या खिलाड़ी इस संबंध में किसी तरह का फैसला करते हैं।
मेदवेदेव, रुबलेव व अजारेंका पर लगी है रोक
एटीपी और डब्ल्यूटीए टेनिस टूर ने भी ऑल इंग्लैंड क्लब के फैसले की आलोचना की है। प्रतिबंध के कारण जिन प्रमुख खिलाड़ियों पर असर पड़ेगा उनमें मौजूदा यूएस ओपन चैंपियन दानिल मेदवेदेव, आंद्रे रुबलेव और फ्रेंच ओपन उपविजेता अनास्तासिया पावलुचेनकोवा शामिल हैं। ये सभी खिलाड़ी रूस के हैं।
इनके अलावा बेलारूस की विक्टोरिया अजारेंका भी विंबलडन में भाग नहीं ले पाएगी। बेलारूस ने यूक्रन पर रूसी हमले का समर्थन किया है। वहीं एईसी ने ट्विटर पर एक पोस्ट जारी कर अपने इस फैसले का समर्थन किया है। उनके मुताबिक, युद्ध की स्थिति में रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों के खेलने से कोई लाभ नहीं प्राप्त होगा।