निलंबित पहलवान विनेश फोगाट ने शनिवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) से माफी मांगी, जिसने उन्हें टोक्यो ओलंपिक के दौरान अनुशासनहीनता के आधार पर प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर रोक लगा दी थी। इस माफी के बाद भी इस बात की संभावना अधिक है कि भारतीय कुश्ती महा संघ उन्हें आगामी विश्व चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति नहीं देगा।
विनेश टोक्यो ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल में हार कर बाहर हो गई थी। विनेश ने अपने साथी खिलाड़ियों के साथ ठहरने से ही इनकार नहीं किया था बल्कि टूर्नामेंट के दौरान उनके साथ ट्रेनिंग भी नहीं की थी। इसके साथ ही विनेश ने भारतीय दल के आधिकारिक प्रायोजक के बजाय निजी प्रायोजक के नाम का ‘सिंगलेट’ पहना था जिससे डब्ल्यूएफआई ने उन्हें निलंबित कर दिया था।
इस मामले पर भारतीय कुश्ती संघ से जुड़े सूत्र ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, विनेश ने अनुशासन समिति को ईमेल भेजा है, अब देखना होगा कि समित इससे संतुष्ट होती या नहीं, समिति ही इस पर अंतिम निर्णय लेगी। सूत्र के मुताबिक विनेश पर अस्थाई प्रतिबंध लगाया गया है, हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहलवान विनेश ने हंगरी में अपने कोच वॉलर अकोस से साथ ट्रेनिंग की थी, उसके बाद वहीं से ओलंपिक में भाग लेनें टोक्यो पहुंची थीं। वहां पहुंचने के बाद विनेश ने खेल गांव में रहने से इनकार कर दिया था इसके अलावा भारत के दूसरे सदस्यों के साथ ट्रेनिंग करने से भी मना कर दिया था।
विनेश फोगाट से टोक्यो ओलंपिक में महिलाओं के 53 किग्रा भार वर्ग में पदक जीतने की काफी उम्मीदें थीं। लेकिन क्वार्टर फाइनल में बेलारूस की पहलवान वैनेसा के खिलाफ मिली हार के बाद उनकी मेडल जीतने उम्मीद टूट गई।