विश्वनाथन आनंद समेत शीर्ष खिलाड़ियों ने 2022 में हांगजोउ में होने वाले एशियाई खेलों में शतरंज की वापसी का स्वागत करते हुए कहा कि इससे खिलाड़ियों को इस खेल को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। पांच बार के विश्व चैंपियन और देश के पहले ग्रैंड मास्टर विश्वनाथन आनंद ने कहा कि उन्हें टीम से पदक की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, ‘मैं इससे खुश हूं। मुझे अपनी टीम से पदक की उम्मीद रहेगी।’ शतरंज 2006 दोहा और 2010 में ग्वांग्झू एशियाई खेलों में शामिल थी। कोनेरू हंपी ने महिलाओं के रैपिड वर्ग में खिताब जीता था और मिश्रित टीम में भी भारत को स्वर्ण मिला था। भारत को 2010 में स्टैंडर्ड टीम में कांस्य पदक मिला था जबकि डी हरिका ने महिलाओं के व्यक्तिगत रैपिड वर्ग में कांस्य पदक जीता था।
ग्रैंडमास्टर भास्करन अधिबान ने कहा कि शतरंज की एशियाड में वापसी अच्छी खबर है और इससे खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘यह अच्छी खबर है। मुझे यह सुनकर अच्छा लगा। यह खिलाड़ियों और खेल के लिए अच्छा है।’ ग्वांग्झू एशियाई खेल 2010 में भारतीय टीम का हिस्सा रहे अधिबान ने कहा कि भारत के पास पदक जीतने का सुनहरा मौका होगा।