पूर्व विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने खराब शुरुआत से उबरते हुए सैंट लुईस रैपिड चेस के दूसरे दिन छठे राउंड गेम में पुराने प्रतिद्वंद्वी गैरी कास्परोव के खिलाफ ड्रॉ मुकाबला खेला।
चेस जगत में आनंद-कास्परोव मुकाबले के अलावा कोई खास मुकाबला नहीं हुआ। आखिरी बार दोनों दिग्गजों का मुकाबला 4,000 दिन पहले हुआ था जब कास्परोव संन्यास लेने के करीब थे और दोनों ने वर्ल्ड चैंपियनशिप का मैच भी खेला था। आनंद ने राजा के सामने वाले मोहरे को चलकर शुरुआत की, जिसके जवाब में कास्परोव ने सिसिलियन डिफेंस की चाल चलकर दिया।
दोनों का मुकाबला संतुलित रहा। दोनों ने एक-दूसरे के मोहरों को बोर्ड से बाहर किया, लेकिन न तो आनंद ने और न ही कास्परोव ने ड्रॉ के बारे में सोचा था। मगर दोनों ने एक-दूसरे की बाजियों का दमदार जवाब दिया और इसका नतीजा ये रहा कि दोनों को ड्रॉ से संतुष्ट होना पड़ा।
मुकाबले के बाद आनंद ने मजाकिया लहजे में कहा, 'हम दोनों ऐसे बात कर रहे थे, जैसे विश्व युद्ध-1 के दिग्गज रहे हो।' आनंद अंक तालिका में कितना ऊपर चढ़े है, इसके बारे में दूसरे दिन के खेल को देखकर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।
एक समय भारतीय ग्रैंडमास्टर तीन मैचों के परिणाम के बाद अंक तालिका में बहुत नीचे थे। मगर ड्रॉ कराने के बाद उनके खाते में पांच अंक जुड़े। अभी रैपिड के तीन राउंड और ब्लिट्ज के 18 मुकाबले होना बाकी है।
आनंद के पास अभी मौका है और उनके पास अंक तालिका में ऊपर आने की तरकीबे भी हैं। भारतीय ग्रैंडमास्टर को रैपिड के अंतिम दिन ज्यादा अंक हासिल करने की उम्मीद होगी और उसके बाद वो 18 मुकाबलों वाले ब्लिट्ज टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन करने के इरादे से उतरेंगे।