पांच बार के विश्व चैम्पियन विश्वनाथन आनंद ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस के चलते लगे लॉकडाउन के कारण शतरंज पर इसका सकारात्मक असर पड़ा है क्योंकि इससे खेल को ऑनलाइन तरीके से विस्तार करने का मौका मिला। उन्होंने हालांकि उम्मीद जताई की इससे पारंपरिक तरीके से इसके खेले जाने पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
आनंद ने समाचार एजेंसी पीटीआई दिए साक्षात्कार में युवाओं के मेंटोर के तौर पर अपनी नई भूमिका और उनकी जीवन पर बन रही फिल्म (बायोपिक) और शतरंज पर आधारित ‘नेटफ्लिक्स’ की सीरीज ‘द क्वीन्स गैंबिट’ के बारे में बातचीत की।
इस 51 साल के ग्रैंडमास्टर ने कहा, 'जाहिर है शतरंज ऐसा खेल है जिसे लॉकडाउन से फायदा हुआ। यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है। हम इसे जारी रखकर खेल को और बड़ा बनाने में मदद कर सकते है।' उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान ज्यादातर खेलों का आयोजन बंद था लेकिन शतरंज के कई टूर्नामेंटों के ऑनलाइन आयोजन से उसे नई पहचान मिली।
जाने माने फिल्मकार आनंद एल राय द्वारा उनकी जिंदगी और खेल पर बन रही बायोपिक के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इससे लोगों को उनकी जिंदगी के अनछुए पहलुओं को जानने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, 'वे अब भी इस पर काम कर रहे है। मैं इस बारे में ज्यादा बात नहीं कर सकता हू। कुछ ऐसा होगा तो हम इसकी घोषणा करेंगे।'
उन्होंने कहा, 'जब फिल्म तैयार होगी तो मैं उसे देखने जाउंगा। उम्मीद है कि यह रोमांचक रहेगा। मेरे जीवन में कुछ ऐसा है जिसके बारे में सब को पता है लेकिन ऐसा भी है जिसके बारे में सब को पता नहीं है।'