विनेश की शुरूआत निराशाजनक रही, वह जापान की मायू मुकेदा से हार गई जो क्वालीफिकेशन राउंड से पहुंची थी। जापानी पहलवान ने तकनीकी श्रेष्ठता के बूते 10-0 से जीत हासिल की। लेकिन उनकी प्रतिद्वंद्वी फाइनल में पहुंच गयी थी जिससे विनेश रेपेचेज दौर में पहुंच गयी जहां उन्होंने ताइपे की जो सिह चियू को 6-0 से पराजित किया।
भारतीय महिलाओं में पूजा ढांडा (57 किग्रा) ने सबसे अच्छी शुरुआत की। उन्होंने क्वालीफिकेशन दौर में उज्बेकिस्तान की सेवारा इस्मुरातोवा को और क्वार्टर फाइनल में कजाखस्तान की इम्मा टिसिना को हराया लेकिन सेमीफाइनल में चीन की विश्व चैंपियन निंगनिंग रोंग से हार गई।
इसके बाद कांस्य पदक के प्लेआफ मैच में पूजा मंगोलिया की सेरेनचिमेद सुखी से 3-5 से पराजित हो गयी। महिलाओं के 72 किग्रा वर्ग में किरण क्वार्टरफाइनल में कजाखस्तान की झामिला बाकबर्गेनोवा से 4-7 से हारकर बाहर हो गईं।
भारत को 65 किग्रा में भी निराशा हाथ लगी क्योंकि नवजोत क्वार्टर फाइनल में हार गयी। वह कांस्य पदक प्लेआफ तक पहुंची जहां उन्हें कजाखस्तान की आइना तेमिरतासोवा से हार झेलनी पड़ी। भारतीय टीम ने अब तक चैंपियनशिप में एक स्वर्ण, तीन रजत और आठ कांस्य सहित कुल 12 पदक जीते हैं। भारत के पुरूष फ्रीस्टाइल पहलवानों ने एक स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य पदक जीते थे।