जमैका के ‘स्प्रिंट किंग’उसेन बोल्ट ने मंगलवार को अपने संन्यास का ऐलान कर दिया। वह इस साल रियो डी जेनेरियो में होने वाले ओलंपिक गेम्स के बाद लंदन में होने वाले 2017 वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने अंतरराष्ट्रीय कैरियर को अलविदा कह देंगे।
उनकी इस पुष्टि के बाद उनके टोक्या में 2020 ओलंपिक गेम्स में शिरकत करने की उनकी संभावनाओं को विराम लग गया। बोल्ट ने जनवरी में यह खुलासा कर अपने ओलंपिक कैरियर लंबा करने की उम्मीदें बढ़ा दी थीं कि उनके कोच ग्लेन मिल्स ने सुझाव दिया है कि उनकी फिटनेस उन्हें जापान ओलंपिक तक साथ दे सकती है।
लेकिन मंगलवार को उन्होंने इस बाबत पुष्टि कर दी कि वह रियो के बाद संन्यास ले लेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस महाकुंभ में उनकी निगाहें तीन और स्वर्ण पदक जीतने पर होंगी।
बकौल बोल्ट, ‘रिया निश्चित रूप से मेरा अंतिम ओलंपिक होगा। मेरे लिए और चार साल काफी मुश्किल होंगे, मैं जो प्रेरणा चाहता हूं, उसे बनाए रखना मुश्किल होगा, खासकर अगर मैं जो चाहता हूं वो मैंने रियो में हासिल कर लिया तो। इसके बाद और चार साल तक इसी लय और जज्बे को कायम रखना मुश्किल होगा इसलिए निश्चित तौर से यह मेरे अंतिम गेम्स होगा।’
बोल्ट 2008 और 2012 ओलंपिक में छह स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। उन्होंने बार-बार कहा है कि उनकी योजना लंदन में 2017 वर्ल्ड चैंपियनशिप के बाद अपने कैरियर खत्म करने की है। वह उम्मीद लगाए हैं कि वह अगस्त में होने वाले रियो ओलंपिक में अपने पदकों की संख्या बढ़ाकर नौ स्वर्ण कर लें।
बोल्ट ने कहा, ‘ओलंपिक में मेरा सबसे बड़ा सपना दोबारा तीन स्वर्ण पदक जीतना है। यही मेरा लक्ष्य है, मैं यही चाहता हूं। मैं इसी पर निगाह लगाए हूं क्योंकि यही मेरा लक्ष्य है और यही मेरा सपना है।’