महिलाओं की 3 हजार मीटर स्टिपल चेज स्पर्धा के दौरान इथोपिया की एथलीट इतनेश डीरो के एक पैर का जूता अन्य एथलीट की गलती के कारण उतर गया था। उन्होंने दौड़ते-दौड़ते जूता वापस पहनने की कोशिश की लेकिन जब वह सफल नहीं हुईं तो एक जूते के साथ ही उन्होंने दौड़ पूरी की। अंतिम 800मीटर की दूरी उन्होंने एक जूते के बिना ही पूरी की। हीट में उन्हें सातवां स्थान हासिल हुआ, बावजूद इसके उन्हें फाइनल में प्रवेश दिया गया।
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छलांग लगाकर जीता स्वर्ण
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रियो
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बहमास की धाविका शॉन मिलर ने महिलाओं की 400 मीटर दौड़ का समापन बड़े अनोखे अंदाज में किया। दर्शक उस वक्त भौचक्के रह गए जब उन्होंने फिनिश लाइन तक सबसे पहले पहुंचने के लिए छलांग लगा दी। और अपने देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। उन्होंने शुरुआत अच्छी की थी लेकिन फिनिश लाइन तक अमेरिकी धावक से पिछड़ती दिखीं, लेकिन अंत में जीत हासिल करने के लिए उन्होंने छलांग लगा दी।
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खेल भावना सबसे बड़ी
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रियो
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रियो ओलंपिक में 5,000 मीटर की दौड़ में अमेरिका और न्यूजीलैंड की दो एथलीटों ने सद्भावना का ऐसा नजारा पेश किया कि दुनिया वाह-वाह कर उठी। इस रेस में भले ही ये दोनों अंतिम दो स्थानों पर रहीं, लेकिन खेलभावना दिखाने का इनाम उन्हें मिला और वे फाइनल में पहुंच गईं। 3 हजार मीटर की दूरी तय करने के बाद ये दोनों एक दूसरे से टकराकर ट्रैक पर गिर गईं। अमेरिका की एग्नोस्टिनो तत्काल खड़ी हुईं और दौड़ जारी रखने की बजाय उन्होंने अपनी विरोधी धावक न्यूजीलैंड की हैम्ब्लिन की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया।
गुरु से आगे निकला चेला...अनजान खिलाड़ी से हारे फेल्प्स
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माइकल फेल्प्स को आदर्श मानने वाले जोसेफ स्कूलिंग ने पुरुषों की 100 मीटर बटर फ्लाई तैराकी के फाइनल में फेल्प्स को ही मात दी। स्कूलिंग ने फेलप्स को मात देते हुए 50.39 सकेंड में दूरी पूरी कर नया ओलंपिक रिकॉर्ड स्थापित किया। वहीं फेल्प्स को यह दूरी तय करने में 51.14 सेकेंड का वक्त लगा। फेल्प्स ने रियो में तैराकी की 6 स्पर्धाओं में भाग लिया था जिसमें से 5 में उन्हें स्वर्ण पदक और एक में रजत पदक हासिल हुआ। स्कूलिंग का पदक सिंगापुर के लिए पहला ओलंपिक स्वर्ण पदक है।
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दो संस्कृतियों का मिलन
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रियो ओलंपिक में बीच वॉलीवाल स्पर्धा में एक अनोखा नजारा देखने को मिला। मिस्र की डुआ एल्गोबैशी और नाडा मिवाद ने वाकई सबको चौंका दिया दोनों खिलाड़ी बीच वॉलीबॉल मैच खेलने हिजाब पहनकर उतरीं। एक तरफ बिकनी पहनी खिलाड़ी थीं तो दूसरी तरफ हिजाब पहनी हुई खिलाड़ी, जिनके शरीर के साथ सिर के बाल भी ढंके हुए थे। पहले महिला खिलाड़ी केवल बिकनी पहनकर ही बीच वॉलीबाल खेल सकती थीं, लेकिन 2012 में इसके नियमों में छूट दी गई। डुआ एल्गोबैशी और नाडा मिवाद रियो ओलंपिक में भाग लेने वाली सबसे कम उम्र की बीच बॉलीबाल खिलाड़ी हैं।
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हिजाब पहन कर उतरीं 100 मीटर फर्राटा दौड़ में
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सउदी अरब की 22 वर्षीया धाविका करीमन अब्दुलिजादायेल हिजाब पहनकर 100 मीटर फर्राटा दौड़ में उतरीं। करीमन अब्दुलिजादायेल भले ही रेस नहीं जीत पाई, लेकिन हिजाब पहनकर 100 मीटर की दौड़ में भाग लेकर वह चर्चा का विषय जरूर बन गईं। करीमन ने अपनी हीट में 14.61 सेकंड का समय निकाला और सातवें स्थान पर रहीं।
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अनोखे अंदाज में जीत का जश्न
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जापान
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आपने आमतौर पर खेलों में जीत के बाद खिलाड़ियों को अपने अपने अंदाज में इसका जश्न मनाते हुये देखा होगा लेकिन रियो ओलंपिक के दौरान एक अलग ही नजारा देखने को मिला जब जापान की महिला पहलवान रिसाको कवाई ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद अपने कोच को ही रिंग में पटखनी दे डाली।
कैच मी इफ यू कैन
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बोल्ट
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जमैकाई धावक उसेन बोल्ट ने ओलंपिक इतिहाल के पहले एथलीट बन गए जो लगातार तीन ओलंपिक में अपराजित रहे। उन्होंने बीजिंग से लेकर रियो तक तीन ओलंपिक में तीन-तीन स्वर्ण पदक हासिल कुल 9 स्वर्ण पदक हासिल किए। लाइटनिंग बोल्ट को ट्रैक पर पकड़ पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है।
नन्हीं जल परी
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गौरिका सिंह
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नेपाली तैराक गौरिका सिंह रियो ओलंपिक में भाग लेने वाली सबसे कम उम्र की एथलीट थी। 13 वर्षीय गौरिका ने महिलाओं की 100 मीटर बैक स्ट्रोक स्पर्धा के लिए क्वालीफाई किया था। उन्होंने अपनी हीट 1:08:45 मिनट में पूरी कर जीत हासिल की लेकिन अंत में 31 वें स्थान पर रहीं।
पहले पदक की खुशी
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फिजी
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फिजी ने रग्बी-7 के फाइनल मुकाबले में ग्रेट ब्रिटेन को 43-7 के अंतर से मात स्वर्ण पदक के रूप में पहला पदक हासिल किया। इसके बाद फिजी में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा कर दी गई और 22 अगस्त को टीम के फिजी वापसी वाले दिन भी राष्ट्रीय अवकाश रखा गया।
पांच बार के विश्व चैंपियन ब्राजील ने विश्व चैंपियन जर्मनी को हराकर ओलंपिक में फुटबॉल का पहला स्वर्ण पदक हासिल किया। इससे पहले ब्राजील 1984, 1988 और 2012 में ओलंपिक के फाइनल में पहुंचा था लेकिन वह अब तक स्वर्ण पदक जीतने में नाकाम रहा था। ब्राजील ने फुटबॉल में स्वर्ण पदक घरेलू सरजमीं पर हासिल किया।