महिला विश्व चैंपियन मुक्केबाज मैरीकॉम और युवा मुक्केबाज निखत जरीन के बीच ओलंपिक क्वालीफायर को लेकर चले आ रहे विवाद में नया मोड़ देखने को मिला है। 2020 टोक्यो ओलंपिक से पहले जरीन ने चीन में अगले साल होने वाले ओलंपिक क्वॉलिफायर के लिए मैरीकॉम (51 किग्रा) के खिलाफ ट्रायल मुकाबला आयोजित करने की मांग की थी। अब ऐसा लग रहा है कि बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उनकी मांग को स्वीकार कर लिया है।
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) के सूत्रों के मुताबिक, बीएफआई के पदाधिकारियों, चयन समिति के सदस्यों और विदेशी और राष्ट्रीय कोचों सहित लगभग सभी की राय है कि मैरीकॉम और निखत के बीच 51 किग्रा वर्ग में क्वालीफाई करने के लिए मुकाबला होना चाहिए।
बीएफआई ने आगे कहा कि बोर्ड के अध्यक्ष और उनकी कार्यालय टीम सहित सभी के साथ विस्तृत चर्चा के बाद चयन नीति का मसौदा तैयार किया गया था। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारा मकसद सभापति को समझाना नहीं है, बल्कि उन्हें यह बताना है कि हम सभी ने सर्वसम्मति से एक ट्रायल करने का फैसला किया है, और इस नियम को बदला नहीं जा सकता है।
इसके पहले भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने कहा था कि मैरीकॉम (51 किग्रा) के हाल में रूस में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए वह छह बार की विश्व चैंपियन को चुनने का इरादा रखता है।
बता दें कि निखत जरीन ने खेलमंत्री किरेन रिजिजू को इस मसले पर शिकायती पत्र भी लिखा, जिसके जवाब में मैरीकॉम ने कहा था कि वह ओलंपिक क्वॉलिफायर के लिए ट्रायल्स में निखत जरीन से भिड़ने से नहीं डरती क्योंकि यह महज एक 'औपचारिकता' भर होगी।