मैच के बाद सुपरमॉम ने कहा था कि जब उन्हें पता चला कि वो ओलंपिक से बाहर हो गई हैं तो वह काफी हैरान और परेशान थीं क्योंकि उन्हें दुर्भाग्यपूर्ण हार का सामना करना पड़ा। मैच के दो घंटे बाद मीडिया से बातचीत में मैरीकॉम ने कहा, 'मुझे लगा कि मैं जीत गई हूं, लेकिन कुछ समय बाद मैंने किरेन रिजिजू का ट्वीट देखा, मैं उस समय यह जानकर हैरान और परेशान थी कि मैं मैच हार गई हूं।'
जब रैफरी ने मुकाबले के अंत में वालेंसिया का हाथ ऊपर उठाया तो मैरीकॉम की आंखों में आंसू थे और चेहरे पर मुस्कान थी। इस निराशा के बावजूद मैरीकॉम ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनकी अभी खेल से संन्यास लेने की कोई इच्छा नहीं है। उन्होंने कहा, 'मैं अब भी लड़ सकती हूं, मैं अब भी काफी ताकतवर हूं। अगर आप में जज्बा है तो आप लड़ सकते हो, निश्चित रूप से अनुशासन के साथ ट्रेनिंग भी बहुत महत्वपूर्ण है। मैं 20 साल से मुक्केबाजी कर रही हूं।'
प्री-क्वॉर्टर फाइनल मैच में अपने मुकाबले को 2-3 से गंवाने के बाद मैरी कॉम ने कहा था, 'यह थोड़ा परेशान करने वाला था कि उन्होंने मुझे बाउट से ठीक पांच मिनट पहले ड्रेस बदलने के लिए कहा। उस समय दरअसल, मेरे नाम की घोषणा हो चुकी थी।' उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि मुझे परेशान करने के लिए यह जानबूझकर की गई कार्रवाई थी। मैंने पहले राउंड के मैच को इसी तरह के कपड़े में जीत दर्ज की थी। वहां भी मेरा नाम मेरी कॉम और भारत लिखा था।'