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Tokyo Olympics: ओलंपिक से पहले बोलीं कर्णम मल्लेश्वरी, कहा- अब पदक के लिए जाती हैं बेटियां

Wed, 21 Jul 2021 01:10 PM IST
ओम. प्रकाश स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पूर्व भारतीय वेटलिफ्टर कर्णम मल्लेश्वरी ने टोक्यो ओलंपिक शुरू होने से पहले बयान दिया है। उनका कहना है कि अब बेटियां ओलंपिक में पदक जीतने के लिए जाती हैं। साल 2000 सिडनी ओलंपिक के दौरान कर्णम ने भारत को पहली बार वेटलिफ्टिंग में पदक दिलाया था। 
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टोक्यो ओलंपिक - फोटो : twitter@Tokyo2020
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विस्तार
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पहली कोई भी चीज हो वो बहुत खास होती है। फिर यह तो ओलंपिक का पहला पदक था। मेरा ही नहीं देश की किसी महिला खिलाड़ी का भी। यह मेरे लिए तो खास है ही देश के लिए भी। सिडनी ओलंपिक ( 2000) के बाद भारतीय महिलाएं ओलंपिक में पदक के बारे में सोचने लगी। इससे पहले कोई भी भारतीय महिला पदक के बारे में नहीं सोचती थी। लेकिन इसके बाद बेटियों ने न सिर्फ ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन किया बल्कि पदक भी जीते। मेरे लिए इससे ज्यादा खुशी कोई और नहीं हो सकती। यह कहना है देश को ओलंपिक में पहला पदक दिलाने वाली महिला खिलाड़ी कर्णम मल्लेश्वरी का। वेटलिफ्टर कर्णम ने 69 किलो भार वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारतीय खेलों में नए युग शुरुआत की थी।

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इस बार 12 से 13 पदक : कर्णम ने कहा कि ओलंपिक में खेलना आसान नहीं है। यह वर्षों की कड़ी मेहनत और तपस्या के बाद ही संभव होता है। भारतीय खिलाड़ी पिछले कुछ वर्षों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। अब वह फाइनल के बारे में नहीं बल्कि पदक के बारे में सोचते हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि टोक्यो में हमारे खिलाड़ी कम से कम 12 से 13 पदक जीतेंगे। यह खेल हमारे अब तक के सबसे बेहतरीन खेल होंगे।      

मीरा करेगी कमाल 

इस बार ओलंपिक में सिर्फ एकमात्र वेटलिफ्टर मीराबाई चानू चुनौती पेश कर रही हैं। कर्णम कहती हैं कि मुझे पूरा विश्वास है कि मीरा इस बार हर हाल में मेरे क्लब में शामिल होंगी। उन्होंने पिछले एक-दो साल से बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने ओलंपिक की तैयारियां विदेश में की है जिसका उन्हें फायदा मिलेगा। वह वेटलिफ्टिंग में 21 साल का सूखा जरूर खत्म करेंगी।

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