विदेश में ओलंपिक की तैयारियों में जुटे भारतीय खिलाड़ियों को बड़ी राहत मिली है। टोक्यो ओलंपिक आयोजन समिति ने साफ किया है कि 14 दिन से ज्यादा विदेश में तैयारी कर रहे खिलाड़ियों को सीधे टोक्यो आने पर तीन दिन के एकांतवास में नहीं भेजा जाएगा। एकांतवास में भारत से आने वाले खिलाड़ी भेजे जाएंगे। आयोजन समिति ने 96 और 72 घंटे की निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट के लिए लैबों की संख्या भी बढ़ा दी है।
सिंधू, मनिका, सोनम और हॉकी टीमें हैं भारत में
नीरज चोपड़ा को छोड़ बाकी एथलीट, पीवी सिंधू, सात्विक, चिराग, साई प्रणीत, पहलवान सोनम मलिक, सीमा बिस्ला, पुरुष और महिला हॉकी टीमें, टेबल टेनिस टीम भारत में ही तैयारियां कर रही हैं। ये सभी भारत से सीधे टोक्यो जाते हैं तो इन्हें तीन दिन का एकांतवास काटना पड़ेगा। यही कारण है कि साई सभी टीमों को विदेश भेजने की तैयारी में है।
पटियाला, लखनऊ व पुणे की लैब को मिली मान्यता
आईओए के दबाव के बाद आयोजन समिति ने आरटीपीसीआर टेस्टिंग के लिए लैबों की संख्या 14 से बढ़ाकर 28 कर दी है। इनमें दो दिल्ली, तीन गुरुग्राम, एक लखनऊ, एक फरीदाबाद, एक पटियाला के अलावा कोलकाता, बंगलूरू, त्रिवेंद्रम, भोपाल, ग्वालियर, नागपुर और पुणे में हैं। बड़ी राहत पटियाला, पुणे, दिल्ली में लैब को मान्यता देने से हुई है। इससे पहले पूरे उत्तर भारत में सिर्फ दिल्ली की एक लैब को मान्यता दी गई थी।
रोजाना एप पर देनी होगी स्वास्थ्य की जानकारी
खिलाड़ियों और कोच सपोर्ट स्टाफ को रोजाना अपने स्वास्थ्य की जानकारी देनी होगी। उन्हें अपने साथ थर्मामीटर ले जाना होगा। रोजाना उससे तापमान माप कर ऑनलाइन चेकइन एंड हेल्थ रिपोर्ट एप (ओछा) पर दर्शाना होगा।
साथ ही कोविड लक्षणों के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देना होगा। इस एप के अलावा खिलाड़ियों को कॉन्टेक्ट कन्फर्मिंग एप्लीकेशन (कोकोआ) एप भी डाउनलोड करना होगा। ये एप आपको संक्रमित के संपर्क में आने की जानकारी देगा। दोनों ही एप पर टोक्यो जाने से सात दिन पहले जानकारी देनी होगी।