भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ियों को बुधवार को टोक्यो ओलंपिक में मुश्किल ड्रॉ मिला जिसमें शरद कमल और मनिका बत्रा की जोड़ी को शुरुआती मुकाबले में ही तीसरी वरीय जोड़ी से भिड़ना होगा।
शरत और मनिका शनिवार को लिन युन जू और चेंग आई चिंग की चीनी ताइपे की तीसरी वरीय जोड़ी के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेंगे। हालांकि मनिका (62 रैंकिंग) को एकल के पहले दौर में आसान ड्रॉ मिला है जिसमें वह ब्रिटेन की हो टिन टिन से भिड़ेंगी जो उनसे रैंकिंग में 32 पायदान नीचे हैं।
पुरुषों के ड्रॉ में शरत और साथियान ज्ञानशेखरन को क्रमश: 20वीं और 26वीं वरीयता मिली है और दोनों को पहले दौर में बाई मिली है। उनके दूसरे दौर के प्रतिद्वंद्वी का पता पहले दौर के मैचों से होगा। दोनों के लिए आगे की राह आसान नहीं होगी क्योंकि शरत अपना मुकाबला जीतने के बाद तीसरे दौर में रियो ओलंपिक के चैंपियन चीन के मा लोंग (दूसरे वरीय) से भिड़ सकते हैं। वहीं महिला एकल में सुर्तिथा मुखर्जी पहले दौर में स्वीडन की लिंडा बर्गस्ट्रोम से भिड़ेंगी।
बता दें कि इस बार ओलंपिक खेलों में भारत के 100 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। भारत को टेबल टेनिस के मिक्सड डबल्स में मेडल की उम्मीद है। इस इवेंट में मनिका बत्रा और शरत कमल के कंधों पर भारत को मेडल दिलाने की जिम्मेदारी है।
भारत 1988 से हर ओलंपिक में टेबल टेनिस से दो खिलाड़ियों को उतारता आया है, लेकिन इस खेल में चीन का दबदबा रहा है और अन्य देशों के खिलाड़ियों के लिए पदक जीतने की उम्मीद कम रहती है। चीन ने ओलंपिक में 32 में से 28 स्वर्ण पदक जीते हैं। अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ ने बाद में इसके फॉर्मेट और नियमों में बदलाव किया और प्रत्येक देश से हर इवेंट में अधिकतम दो क्वालीफाइंग स्पॉट रखा।