उत्तर प्रदेश के रहने वाले और तीन बार एशियन पैरा गेम्स में भाला फेंक के चैंपियन रहे नीरज यादव का मंगलवार को निधन हो गया। राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से इसकी पुष्टि की। हा नीरज भारत के प्रमुख पैरा एथलीटों में शामिल थे और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था। हालांकि, इस मामले में नए पेंच उलझते जा रहे हैं। कोच ने आईएएनएस से नीरज के आत्महत्या करने की बात कही थी, जबकि पुलिस की जांच में कुछ और ही सामने आया है।
मुख्य कोच ने की निधन की पुष्टि
कोच सत्यनारायण के मुताबिक, नीरज ने अपने फ्लैट में आत्महत्या की। उन्होंने कहा, 'हां, नीरज ने अपने फ्लैट में आत्महत्या की है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। उनके इस कदम के पीछे की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है।'
पुलिस की जांच में आया नया एंगल, जीटीबी अस्पताल से मिली थी सूचना
अब एक नई जानकारी सामने आई है। 28 अक्तूबर 2026 को रात करीब 12:08 बजे जाफराबाद थाना पुलिस को जीटीबी अस्पताल से सूचना मिली कि एक व्यक्ति को अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने के बाद जांच अधिकारी एसआई विशाल त्यागी पुलिसकर्मियों के साथ दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल पहुंचे, जहां फिलहाल जीटीबी अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं संचालित की जा रही हैं। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि मृतक का शव पहले ही जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी में भेजा जा चुका था।
दिसंबर 2025 से मृतक के संपर्क में थी महिला
जांच के दौरान मृतक को अस्पताल लेकर पहुंची एक महिला ने पुलिस को बताया कि दिसंबर 2025 से उसकी नीरज यादव के साथ दोस्ती थी। महिला के मुताबिक, 27 अक्तूबर 2026 को वह नीरज से मिलने सोनीपत गई थी। वहां उसने नीरज को समझाया कि वह आगे उससे संपर्क में नहीं रह सकती। इसके बाद नीरज अपनी स्कॉर्पियो-एन कार से उसे दिल्ली के मौजपुर छोड़ने आया।
मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास सड़क पर पड़े मिले नीरज
महिला ने पुलिस को बताया कि रात करीब नौ बजे उसे कुछ संदेह हुआ। इसके बाद वह मौजपुर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास पहुंची, जहां उसने नीरज यादव को उनकी कार के पास सड़क पर पड़ा हुआ देखा। इसके बाद महिला नीरज को इलाज के लिए अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सोनीपत में ऑनलाइन स्पोर्ट्स अकादमी चलाते थे नीरज
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि नीरज यादव पैरा एथलीट थे। वह हरियाणा के सोनीपत में अंशनीर स्पोर्ट्स अकादमी के नाम से ऑनलाइन स्पोर्ट्स अकादमी चला रहे थे। नीरज शादीशुदा थे। उनके परिवार में पत्नी और तीन साल की बेटी है। पुलिस के मुताबिक, जाफराबाद थाने में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।
2018 में एशियाई रिकॉर्ड के साथ जीता था स्वर्ण
नीरज ने 2015 में दिल्ली राज्य एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोला फेंक, भाला फेंक और चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीते थे। इसी प्रदर्शन के बाद उन्होंने भारतीय पैरा एथलेटिक्स में पहचान बनानी शुरू की। 2018 में इंडोनेशिया में आयोजित एशियाई पैरा गेम्स में नीरज ने पुरुषों की एफ55 भाला फेंक स्पर्धा में 29.84 मीटर के एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था। इस उपलब्धि ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
इसके बाद चीन के हांगझोउ में अक्तूबर 2023 में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। उन्होंने एफ54/55/56 वर्ग में चक्का फेंक और पुरुषों की एफ55 भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीते। 2022 में मोरक्को के माराकेच में पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था और नया भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था।
व्हीलचेयर टेनिस से शुरू हुआ था सफर
नीरज को सात साल की उम्र में पोलियो का पता चला था और व्हीलचेयर उनके जीवन का हिस्सा बन गई। उन्होंने करीब सात साल तक व्हीलचेयर टेनिस खेलने के बाद 2015 में एथलेटिक्स में अपना करियर शुरू किया था। 2016 में फाजा ग्रां प्री में उन्होंने पुरुषों की एफ55 गोला फेंक और चक्का फेंक स्पर्धाओं में रजत पदक जीते थे। नीरज की उपलब्धियां उनके लंबे खेल सफर और मेहनत की गवाही देती हैं। उनके निधन की खबर से भारतीय पैरा खेल जगत को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल, उनके इस कदम के पीछे की वजह सामने नहीं आई है।