उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कानपुर रोड स्थित साई सेंटर के बिल्कुल साथ लगे हज हाउस को 500 बेड का कोरोना कोरेंटाइन सेंटर बनाना महिला पहलवानों का डर बन गया है। टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों के लिए साई और भारतीय कुश्ती संघ अगस्त माह में महिला पहलवानों का कैंप लखनऊ के साई सेंटर में लगाना चाहता है, लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं है।
लखनऊ के साई सेंटर और हज हाउस की दीवार साथ लगती है। महिला पहलवानों का कैंप पिछले कई सालों से इसी सेंटर में लगता है। उन्हें कभी भी हज हाउस से कोई समस्या नहीं हुई, लेकिन इस बार उनके मन में खौफ बैठ गया है। एक महिला पहलवान का कहना है कि लखनऊ कैंप में शामिल होने से अच्छा है कि वह घर पर तैयारियां करें। उन्हें पता लगा है कि हज हाउस में बड़ी संख्या में कोरोना के मरीज एकांतवास में रखे गए हैं। हज हाउस सेंटर से बिल्कुल सटा है। ऐसे में उनके मन में डर है कि कहीं न कहीं उन्हें भी कोरोना न हो जाए।
हालांकि पहलवानों को समझाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वे लखनऊ में कैंप लगाने के लिए फिल्हाल तैयार नहीं हैं। कुश्ती संघ और साई अगस्त के दूसरे सप्ताह से लखनऊ में महिलाओं का और पुरुषों का कैंप सोनीपत में लगाने की कोशिशें कर रहा है, लेकिन पहलवानों के इंकार के बाद अब यह संभव नहीं है।