रियो ओलंपिक में अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन करने वाली स्टार शटलर स्टार पीवी सिंधू, महिला पहलवान साक्षी मलिक और जिम्नास्ट दीपा कर्माकर सहित बैडमिंटन कोच गोपीचंद पर सम्मान और पुरस्कारों की बारिश का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी के तहत रविवार को इन चारों को महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने हैदराबाद बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष चामुंडेश्वरनाथ की ओर से बीएमडब्ल्यू कार की चाबी सौंपी।
गोपीचंद एकेडमी में हुए इस कार्यक्रम में रियो ओलंपिक के लिए भारतीय दल के ब्रांड एंबेसडर रहे सचिन तेंदुलकर ने रियो ओलंपिक में इन खिलाड़ियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय खेलों के लिए यह शानदार लम्हा है। यहां से एक नए सफर की शुरुआत हुई है और मुझे पूरी उम्मीद है कि यह सफर यहीं नहीं रुकेगा।
हम सभी इस सफर का हिस्सा बनेंगे और आपके समर्थन के लिए मौजूद रहेंगे। पूरा देश आपकी उपलब्धि से खुश है और इसका जश्न मना रहा है। अभी और भी कई सुनहरे पल आने बाकी हैं। सचिन ने साथ ही गोपीचंद की भी जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि आप बेहद शानदार रोल मॉडल हैं। हम सभी आपका सम्मान करते हैं। आप सच्चे हीरो हैं। हमें और पदक हासिल करने के लिए आपके मार्गदर्शन की जरूरत है। मैं दूसरे सभी कोचों का भी शुक्रिया अदा करता हूं।
गोपीचंद के मार्गदर्शन में सिंधू ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं, जबकि साक्षी मलिक ने 58 किग्रा भारवर्ग में कांस्य पदक जीतकर रियो ओलंपिक की पदक तालिका में देश का खाता मिला। वहीं दीपा महज 0.15 अंकों से कांस्य पदक से चूककर चौथे स्थान पर रहीं थीं।
लड़कियों ने बचाया : पुलेला गोपीचंद
pullela gopichand
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लड़कियों ने बचाया : पुलेला गोपीचंद
सिंधू, साक्षी और दीपा ने रियो में बेहतरीन प्रदर्शन किया। भारत में कहा जाता है कि सेव द गर्ल चाइल्ड (लड़कियों को बचाएं) लेकिन रियो ओलंपिक के बाद हम कह सकते हैं कि सेव बाई द गर्ल (लड़कियों ने बचाया)। देश का मान बढ़ाने के लिए आप तीनों का शुक्रिया। आपके प्रयास कहीं से भी गोल्ड मेडल से कम नहीं हैं।
सच हो गई सचिन सर की बात : सिंधू
पीवी सिंधू
- फोटो : getty
जब मुझे पहले स्विफ्ट डिजायर कार तोहफे में दी गई थी तब सचिन सर ने कहा था कि अगर मैं ओलंपिक पदक जीतूंगी तो वह निश्चित रूप से मुझे दूसरी कार गिफ्ट करेंगे। आज उनकी यह बात सच साबित हो गई। मैं इस कार के लिए सचिन सर और चामुंडी सर का शुक्रिया अदा करती हूं। उन सभी लोगों का भी शुक्रिया, जिनके आशीर्वाद से मेरा सपना सच हुआ।
अकेली गई थी रियो, अब पूरा देश साथ : साक्षी मलिक
साक्षी मलिक
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मैं अकेले ही रियो गई थी, लेकिन वहां से लौटने के बाद पूरा देश मेरे साथ है। अपना प्यार और समर्थन ऐसे ही बनाए रखिएगा ताकि रियो के कांस्य पदक को मैं टोक्यों में गोल्ड मेडल में बदल सकूं। मुझे इतना प्यार और सम्मान देने के लिए बहुत शुक्रिया।
थैंक्यू सचिन सर। - दीपा कर्माकर
भारतीय जिमनास्ट दीपा करमाकर
रियो ओलंपिक में बिना मेडल जीते भी मुझे इतना समर्थन और प्रशंसा मिल रही है। उसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।