विश्वनाथन आनंद टाटा स्टील रैपिड एवं ब्लिट्ज टूर्नामेंट की आखिरी पांच बाजियों में सिर्फ एक अंक लेकर ग्रैंड शतरंज टूर से बाहर हो गए। वह 16 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहे।
विश्व चैंपियन नार्वे के मैगनस कार्लसन ने टूर्नामेंट में 27 अंक हासिल कर ग्रैंड शतरंज टूर में अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ डाला। उन्होंने इस साल के शुरू में आइवरी कोस्ट के अबिदजान में 26.5 अंक बनाए थे। कार्लसन अंतिम दिन अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं दिखे लेकिन तब भी उन्होंने कुछ शानदार जीत दर्ज की और अमेरिका के हिकारू नकामुरा पर चार अंक की बढ़त के साथ इस चरण में शीर्ष पर रहे।
नकामुरा 23 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। नीदरलैंड के अनीस गिरी और अमेरिका के वेस्ली सो 18.5 अंकों के साथ संयुक्त तीसरे स्थान पर रहे। अगले महीने 50 साल के होने वाले आनंद मामूली अंतर से ग्रैंड शतरंज टूर फिनाले से चूक गए। जब पांच दौर की बाजी बची थी तो लग रहा था कि वह कम से कम अकेले छठे स्थान पर रहकर फिनाले में जगह बना लेंगे। लेकिन हमवतन गुजराती के खिलाफ हार के बाद वह संभल नहीं पाए। गिरी के खिलाफ वह जीत की स्थिति में थे लेकिन उनके पास समय नहीं बचा था। नकामुरा से उन्होंने ड्रॉ खेला लेकिन कार्लसन के सामने उनकी एक नहीं चली। इस तरह से आनंद 1.5 अंकों से क्वालिफाई करने से चूक गए।