ओरलैंडो। भारत के दोहरे ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार वर्ल्ड रेसलिंग एंटरटेनमेंट (डब्ल्यूडब्ल्यूई) के हिस्सा नहीं बन पाएंगे। डब्ल्यूडब्ल्यूई के उपाध्यक्ष केनयोन सीमैन ने बताया कि काफी जद्दोजहद के बावजूद सुशील के साथ बातचीत अंजाम तक नहीं पहुंच सकी।
गौरतलब है कि डब्ल्यूडब्ल्यूई ने पिछले साल अक्तूबर में ही सुशील से मुलाकात की थी और इसकी पुष्टि खुद सुशील कुमार ने की थी। लेकिन अब पता चला है कि दोनों के बीच कोई ठोस समझौता नहीं हो सका है। सीमैन ने कहा, ‘मैं सुनील से मिलकर काफी खुश था। निश्चित रूप से वह सम्मान के हकदार हैं। वह राष्ट्रीय आइकन हैं।
लेकिन उनको आश्वस्त करना काफी मुश्किल है। अमेरिका के बेहद प्रतिस्पर्धी सिस्टम में किसी के आगे बढ़ने की कोई गारंटी नहीं है। हमारे लिए सुनील को यह समझा पाना बड़ा मुश्किल था कि वह राष्ट्रीय आइकन के रुतबे और वैभवपूर्ण जीवन शैली को छोड़कर अमेरिका में आकर जोखिम उठाएं, जहां कि कुछ भी पहले से निश्चित नहीं है।’
गौरतलब है कि ग्रेट खली के जाने के बाद से कोई भी अन्य भारतीय खिलाड़ी अभी तक डब्ल्यूडब्ल्यूई में स्थान नहीं बना सका है। सीमैन ने यह भी स्वीकार किया कि उनके लिए सवा अरब से ज्यादा की आबादी वाला भारत एक बड़ा बाजार है इसलिए यहां हर साल प्रमोशनल कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कविता देंगी ट्रायल
डब्ल्यूडब्ल्यूई के उपाध्यक्ष सीमैन के मुताबिक उन्हें उम्मीद है कि महिला पहलवान कविता समेत कुछ अन्य भारतीय खिलाड़ी उनसे जुड़ेंगे। उन्होंने बताया कि कविता डब्ल्यूडब्ल्यूई के लिए ट्रायल देने के लिए जल्द ही दुबई पहुंचेंगी। सीमैन ने कहा, ‘मैं इस बात की गारंटी देता हूं कि भविष्य में हमारे पास भारतीय स्टार भी होंगे।
लेकिन यह नहीं बता सकता कि वह कहां से आएंगे।’ डब्ल्यूडब्ल्यूई में कई साल बीताने वाले दो भारतीय एथलीटों लवप्रीत सिंह संघा और सत्येंद्र यादव से भी सीमैन को काफी उम्मीद है। हालांकि लंबा समय गुजारने के बादवजूद दोनों को अभी एक भी बड़ी फाइट में दम दिखाने का मौका नहीं मिला है।
सीमैन ने कहा, ‘लवप्रीत और सत्येंद्र यहां दो साल से हैं और दोनों ही विश्वस्तरीय एथलीट हैं। दोनों में नैसर्गिक प्रतिभा और आकर्षण है। लेकिन यह तो समय ही बताएगा कि दोनों द ग्रेट खली जितना नाम कमा पाते हैं या नहीं।’