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खेल पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया में बदलाव चाहते हैं पंघाल, लगातार हो रही अनदेखी से हैं निराश

Sat, 16 May 2020 08:33 AM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला

सार

2012 में अनजाने में हुए डोप अपराध के लिए इस मुक्केबाज की अर्जुन के लिए लगातार हो रही है अनदेखी
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अमित पंघाल - फोटो : social media
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विस्तार
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एशियाई खेलों के चैंपियन मुक्केबाज अमित पंघाल ने खेल मंत्री किरन रिजिजू से राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिए चयन प्रक्रिया बदलने का आग्रह करते हुए मौजूदा तरीके को भेदभावपूर्ण करार दिया है। वर्ष 2012 में अनजाने में हुए डोप अपराध के लिए लगातार अर्जुन पुरस्कार के लिए उनकी अनदेखी होती रही है।

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मंत्री को लिखे पत्र में पंघाल ने कहा कि खिलाड़ियों को खुद का नामांकन कर आवेदन नहीं करना चाहिए। विश्व चैंपियनशिप के एकमात्र रजत पदक विजेता भारतीय मुक्केबाज ने कहा, ‘मौजूदा प्रक्रिया में एक खिलाड़ी को आवेदन भेजना होता है। फिर खेल समिति इन आवेदनों के आधार पर चयन करती है। पुरस्कार चयन में खेल समिति के सदस्यों द्वारा भेदभावपूर्ण फैसले होते हैं, जिनकी कोई जवाबदेही नहीं है। खेल मंत्रालय और साई के पास सारे रिकॉर्ड हैं। वे जानते हैं कि कौन हकदार है और कौन नहीं। अगर इस साल नहीं तो, भले ही अगले साल लेकिन कभी तो बदलाव आना चाहिए।

पंघाल ने कहा, 'सेना मेरा मामला आगे बढ़ा रही है और मुझे उम्मीद है कि डोप उल्लंघन इस बार सामने नहीं आएगा क्योंकि वह अनजाने में हुआ था। मैं लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा हूं, मेरे नाम पर विचार किया जाना चाहिए।’ पंघाल दो बार अर्जुन के लिए नामांकित किए जा चुके हैं लेकिन पूर्व के डोप उल्लंघन के कारण उनके नाम पर विचार नहीं किया गया। उन्होंने 2012 में चेचक के उपचार के लिए दवाई ली थी।

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