गलत जज करने का विवाद मौजूदा विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट स्टानीमीरा पेट्रोवा ने भारत की सोनिया चहल के खिलाफ प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबला गंवाने के बाद जज पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
बुल्गारिया की 27 वर्षीया पेट्रोवा ने 2014 विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में बेंटमवेट (54 किग्रा) वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। उन्हें 21 वर्षीया भारतीय मुक्केबाज के हाथों 2-3 की शिकस्त झेलनी पड़ी।
बाउट के बाद पेट्रोवा ने मीडिया से कहा, 'जज का भ्रष्टाचार है। यह सही फैसला नहीं है।' इस मामले पर गौर करते हुए अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी एसोसिएशन ने कहा कि वह घटना की समीक्षा करेगी। एआईबीए ने अपने बयान में कहा, 'स्टानीमीरा पेट्रोवा और सोनिया के बीच हुई बाउट नंबर-177 की घटना को ध्यान में रखते हुए एआईबीए की तकनीकी समिति स्थिति की समीक्षा करेगी।'
एआईबीए की मुक्केबाजी स्पर्धाओं में जज की चिंता हमेशा से रही है और इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति चेतावनी भी दे चुका है। आईओसी ने जज की क्वालिटी सुधारने का लक्ष्य भी बनाया है ताकि एआईबीए को मुक्केबाजी ओलंपिक स्टेटस दोबारा मिले।
2016 रियो ओलंपिक्स में आयरलैंड के स्टार माइकल कॉनलेन ने भी हार के बाद जज करने के स्तर पर सवाल खड़े किए थे। तब एआईबीए प्रशासन ने जांच बैठाई और कमियों को स्वीकार किया।गलत जज करने का विवाद मौजूदा विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट स्टानीमीरा पेट्रोवा ने भारत की सोनिया चहल के खिलाफ प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबला गंवाने के बाद जज पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
बुल्गारिया की 27 वर्षीया पेट्रोवा ने 2014 विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप में बेंटमवेट (54 किग्रा) वर्ग में गोल्ड मेडल जीता था। उन्हें 21 वर्षीया भारतीय मुक्केबाज के हाथों 2-3 की शिकस्त झेलनी पड़ी।
बाउट के बाद पेट्रोवा ने मीडिया से कहा, 'जज का भ्रष्टाचार है। यह सही फैसला नहीं है।' इस मामले पर गौर करते हुए अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी एसोसिएशन ने कहा कि वह घटना की समीक्षा करेगी। एआईबीए ने अपने बयान में कहा, 'स्टानीमीरा पेट्रोवा और सोनिया के बीच हुई बाउट नंबर-177 की घटना को ध्यान में रखते हुए एआईबीए की तकनीकी समिति स्थिति की समीक्षा करेगी।'
एआईबीए की मुक्केबाजी स्पर्धाओं में जज की चिंता हमेशा से रही है और इस मामले पर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति चेतावनी भी दे चुका है। आईओसी ने जज की क्वालिटी सुधारने का लक्ष्य भी बनाया है ताकि एआईबीए को मुक्केबाजी ओलंपिक स्टेटस दोबारा मिले।
2016 रियो ओलंपिक्स में आयरलैंड के स्टार माइकल कॉनलेन ने भी हार के बाद जज करने के स्तर पर सवाल खड़े किए थे। तब एआईबीए प्रशासन ने जांच बैठाई और कमियों को स्वीकार किया।