खेल मंत्रालय ने टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टाप्स) में शामिल किए गए खिलाड़ियों की आधुनिक ट्रेनिंग के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) को अपने राष्ट्रीय खेल विकास कोष (एनएसडीएफ) से 35 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।
इसके अलावा मंत्रालय ने 22 खेलों के उन खिलाड़ियों को पांच करोड़ 98 लाख रुपये भी जारी किए जिन्होंने 2018 के दौरान एनएसडीएफ से कोष की मांग की थी।
एनएसडीएफ कोष विशेष तौर पर उन खिलाड़ियों के लिए आवंटित किया गया है जो सरकार से वित्तीय सहायता की अपील करते हैं।
दिसंबर 2018 तक एनएसडीएफ से स्वीकृत किए गए कुल कोष का आंकड़ा जारी किया गया है।
वित्त वर्ष 2017-18, 2016-17 और 2015-16 में क्रमश: सात करोड़ 24 लाख, छह करोड़ 25 लाख और नौ करोड़ दो लाख रुपये (सभी राशि लगभग में) जारी किए गए जबकि मौजूदा वर्ष में दिसंबर तक पांच करोड़ 98 लाख रुपये जारी हुए।
अधिकांश खेलों में कोष की मांग में कमी आई है। तीरंदाजी में पिछले वित्त वर्ष के 64 लाख रुपये की तुलना में 42 लाख 50 हजार रुपये जारी किए गए।
इस तरह एथलेटिक्स में एक करोड़ चार लाख रुपये की तुलना में 87 लाख 50 हजार, बैडमिंटन में 35 लाख की तुलना में 27 लाख 50 हजार, निशानेबाजी में एक करोड़ 11 लाख की तुलना में 89 लाख 50 हजार और भारोत्तोलन में 40 लाख 50 हजार रुपये की तुलना में 13 लाख 50 हजार रुपये की मांग की गई।
मुक्केबाजी में 52 लाख 50 हजार रुपये की तुलना में 63 लाख 50 लाख रुपये जबकि शतरंज में नौ लाख 45 हजार रुपये की तुलना में 38 लाख 58 हजारे रुपये की मांग की गई।