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खेल मंत्रालय ने दी फ्रीस्टाइल, ग्रीको रोमन और महिला टीम के विदेश कोच को हरी झंडी 

Fri, 25 Jan 2019 08:55 PM IST
Mukesh Jha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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दांव लगाते पहलवान - फोटो : file photo
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विदेशी कोच को लेकर साल 2016 के रियो ओलंपिक के बाद से चल रहा भारतीय पहलवानों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। पिछले डेढ़ साल से लटका तीन विदेशी कोच के अनुबंध को खेल मंत्रालय की हरी झंडी मिल गई है। अब भारतीय पुरुष फ्रीस्टाइल, ग्रीको रोमन और महिला टीम से जल्द विदेशी कोच जुड़ जाएंगे। महिला टीम के अमेरिकी कोच एंड्रयु कुक तो भारत आ भी चुके हैं और प्रो कुश्ती लीग में प्रतिभाओं की तलाश में जुट गए हैं।      

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पुरुष फ्रीस्टाइल पहलवानों के लिए ईरान के हुसैन करीमी और ग्रीको रोमन के लिए जार्जियाई टीमो काजराशविली को मंजूरी दी गई है। इन दोनों कोच के वीजा की प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। अगले 10 दिनों के अंदर दोनों के भारत आने की उम्मीद है। हुसैन रियो ओलंपिक में ईरान टीम के कोच थे। उनका नाम खुद ईरान कुश्ती संघ के अध्यक्ष ओलंपिक और वल्र्ड चैंपियन रसूल खादेम ने भेजा था।

वहीं टीमो 1982 की वल्र्ड चैंपियनशिप में 48 किलो में स्वर्ण जीत चुके हैं। टीमो वही जज हैं जिन्हें यूडब्लूडब्लू ने रियो ओलंपिक केदौरान उजबेकिस्तान के पहलवान को चार के बजाय दो अंक देने पर निलंबित कर दिया था। हालांकि कुश्ती की दुनिया में तीनों ही कोच को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।      
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साल से लटका था अनुबंध      
इन तीनों ही कोच के अनुबंध को लटके हुए साल हो गया था। कायदे से तीनों कोच को गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों से पहले आ जाना चाहिए था, लेकिन खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती संघ को विज्ञापन की प्रक्रिया पूरी नहीं करने के चलते इसे सिरे नहीं चढ़ाया। बीते वर्ष 21 सितंबर को हुई बैठक केबाद भी मंत्रालय ने पूरी प्रक्रिया नहीं अपनाने के चलते इनके अनुबंध पर आपत्ति जता दी थी।

इसके बाद कुश्ती संघ ने यहां तक कह दिया कि अगर ओलंपिक की तैयारियों के लिए मंत्रालय अनुबंध को हरी झंडी नहीं देता है तो वह निजी क्षेत्र से कोच को वेतन देने की गुहार लगाएंगे। कुश्ती संघ ने मंत्रालय को हवाला दिया कि राष्ट्रमंडल और एशियाई खेल निकल चुकेहैं और अब ओलंपिक की तैयारियां नहीं प्रभावित होनी चाहिए। इसके बाद ही मंत्रालय ने इन तीनों के अनुबंध को हरी झंडी दी।

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