बजरंग पूनिया ने कहा कि कुश्ती जगत टोक्यो ओलिंपिक में उन्हें नए रूप में देखेगा। बजरंग टोक्यो ओलिंपिक में भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीदों में से एक हैं। 'लेग डिफेंस' उनकी कमजोरी रहा है और उनके विरोधियों ने इसका फायदा हमेशा उठाया है।
कई विशेषज्ञों को मानना है कि ओलिंपिक में यह कमजोरी उन पर भारी पड़ सकती है। इस कमजोरी के बावजूद वह 2018 में 65 किलो वर्ग में दुनिया के नंबर एक पहलवान बने।
उन्होंने कहा,‘मेरे कोच का कहना है कि दोबारा मैट पर उतरने पर मुझे अपने विरोधी को चौंकाने का शऊर आना चाहिए। मैं बताऊंगा नहीं कि क्या कर रहा हूं लेकिन टोक्यो में मैट पर आपको एक नया बजरंग देखने को मिलेगा।’ उन्होंने कहा,‘लोग कहेंगे कि बजरंग का खेल बिल्कुल बदल गया है। चाहे तकनीक हो, दम खम या शैली, सभी पर मैंने काम किया है।’