अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन मानदंडों पर खरा नहीं उतरने पर खेल संघ के खिलाफ कार्रवाई की बात अब तक नहीं सुनी है, लेकिन खेल मंत्रालय और साई ने अब इस पर कड़ा रवैया अपना लिया है। साई ने दिल्ली में कराए गए ट्रैक एशिया कप में सौ से कम खिलाड़ी पहुंचने और कम टीम के भाग लेने पर साइक्लिंग फेडरेशन से मदद में दी गई राशि को वापस मांग लिया गया है।
यह राशि मंत्रालय और साई ने ग्रांट के रूप में दी थी। साई ने फेडरेशन को साफ कर दिया है कि अगर 15 दिन के अंदर एडवांस में दिए गए साढ़े 22 लाख रुपये वापस नहीं किए तो उनसे इसे ब्याज समेत वसूला जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय आयोजन के लिए मंत्रालय की ओर से 30 लाख रुपये की मदद किए जाने का प्रावधान है। सीएफआई ने भी 2017 के ट्रैक एशिया कप के लिए सरकारी मदद मांगी। मंत्रालय और साई ने 75 प्रतिशत एडवांस के रूप में साढ़े 22 लाख रुपये दे दिए।
आयोजन के बाद फेडरेशन से सारा खर्च पेश करते हुए बकाए की 25 प्रतिशत राशि मांगी तो खुलासा हुआ चैंपियनशिप में सौ से कम खिलाड़ी आए थे और 12 टीमें थीं। इसमें भी भारत का सबसे बड़ा दल था। मानदंड यह है कि 30 लाख उसी चैंपियनशिप के लिए दिए जांएगे जिसमें 10 से अधिक टीमें और 100 से अधिक खिलाड़ी हों।हालांकि फेडरेशन ने तर्क दिया है कि एक बार बिलियर्ड्स और स्नूकर टूर्नामेंट में भी कम टीमें और खिलाड़ी होने के बावजूद पूरी ग्रांट दी गई है।