देश में खेल गतिविधियों की शुरूआत की मंजूरी दी जा चुकी है, लेकिन एशियाई और विश्व चैंपियनशिप जैसे टूर्नामेंटों की मेजबानी लिए बैठे खेल संघों को अब तक यह नहीं मालूम है कि उन्हें इनका आयोजन कैसे कराना है। कुछ खेल संघों ने खेल मंत्रालय से इन टूर्नामेंटों के आयोजन के बारे में दिशा निर्देश और एसओपी जारी करने को कहा है, जिसे उनकी ओर से इस बारे में उनकी सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय संस्था को बताया जा सके, लेकिन मंत्रालय ने अब तक न ही राष्ट्रीय और न ही अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के आयोजन के लिए कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
अंतरराष्ट्रीय संघ मांग रहे हैं जवाब
इस साल अक्तूबर से नवंबर माह में वुशू और बॉक्सिंग की एशियाई, सेपक टाकरा की विश्व चैंपियनशिप और इंडियन ओपन सुपर सीरीज बैडमिंटन का आयोजन होना था। वुशू और बॉक्सिंग इन आयोजन मार्च 2021 तक खिसका दिया है। इंडियन ओपन बैडमिंटन भी मार्च-अप्रैल 2021 में होना है। कोरोना को लेकर देश में खड़े हालातों के मद्देनजर यह भी तय नहीं है कि अगले साल मार्च में इन टूर्नामेंटों का आयोजन संभव हो पाएगा या नहीं। इसी को ध्यान में रखते हुए एशियाई और विश्व खेल संघ इनके आयोजन के बारे में भारतीय संघ से जवाब मांग रहे हैं। उनसे पूछा जा रहा है कि किस तरह से टूर्नामेंट का आयोजन कराना है और क्या दिशा निर्देश रहेंगे। जिनसे इस बारे में भाग लेने वाले देशों को बताया जा सके।
छिन सकती है मेजबानी
वुशू की एशियाई चैंपियनशिप में पहली बार देश में दिल्ली में आयोजित कराई जानी है। इस खेल की एशियाई संस्था वुशू एसोसिएशन ऑफ इंडिया पर दबाव बना रही है कि वे टूर्नामेंट के आयोजन पर एसओपी को उनके पास भेजें। यह एसओपी एसोसिएशन खेल मंत्रालय से मांग रहा है, लेकिन उसे अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। अगर एसओपी के बारे में जल्द नहीं बताया गया तो हो सकता है कि टूर्नामेंट की मेजबानी से ही उसे हाथ धोना पड़े। एसोसिएशन के पास यह भी विकल्प है कि वह एक बार फिर टूर्नामेंट को आगे बढ़ाने केलिए एशियाई संस्था को लिखे।