सरिता देवी (60 किग्रा) कल आयरलैंड की एने हैरिंगटन से जबकि युवा मनीषा (54 किग्रा) अंतिम आठ में जगह बनाने के लिये विश्व चैम्पियन रह चुकी कजाखस्तान की डिना जोलामैन से भिड़ेंगी। पूर्व राष्ट्रीय चैम्पियन रह चुकी सिमरनजीत कौर ने सितंबर में तुर्की में हुई प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था। 23 साल की मुक्केबाज 2013 युवा विश्व चैम्पियनिशप में कांस्य पदक अपने नाम कर चुकी हैं।
सिमरनजीत और अमेलिया की बाउट काफी कठिन रही, दोनों मुक्केबाजों ने एक दूसरे के खिलाफ बेहतरीन पंच लगाये लेकिन जीत भारतीय मुक्केबाज के नाम रही। पहले दौर में उन्होंने अमेरिकी मुक्केबाज से कुछ तेज पंच खाये लेकिन दूसरे और तीसरे दौर में वह इससे उबरकर अगले दौर में जगह बनाने में सफल रही। हिसार की पिंकी कई बार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के ट्रायल में अपनी आदर्श मैरीकाम को हरा चुकी हैं। उन्होंने पहले दौर में विपक्षी मुक्केबाज को परखा और फिर अपनी रणनीति लागू की।
दूसरे दौर में उन्हें थोड़े पंच भी लगे। उन्होंने बाउट के बाद कहा, 'यह आसान खेल नहीं है, पंच आयेंगे भी और उसका जवाब ढंग से दिया जायेगा। मैं आक्रामक मुक्केबाज हूं, निश्चित रूप से हर मुक्केबाज पर सीधे हमला नहीं किया जा सकता। मैंने कोचों के कहे अनुसार दूरी बनाकर खेलना जारी रखा।'
पिंकी अपनी तीसरी विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतकर घरेलू दर्शकों को खुश करना चाहती हैं। उन्होंने कहा, 'दर्शकों का समर्थन मिलता है। लेकिन रिंग में हम अपने कोचों की सलाह और रणनीति पर ध्यान रखते हैं।' चार साल पहले राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीत चुकी पिंकी ने इस बार स्वर्ण पदक की उम्मीद लगायी हुई है।
सुबह सोनिया के खिलाफ खेलने वाली मोरक्को की मुक्केबाज दोआ तोऊजानी इस सर्वसम्मति से लिये गये फैसले से नाखुश थी और रो रही थी। हालांकि उन्होंने इस फैसले के खिलाफ कुछ नहीं बोलना ही ठीक समझा। उनके कोच ने उनके जवाब का अनुवाद करते हुए कहा, 'वह इस बाउट से खुश है।'
तो क्या यह सही नतीजा रहा, इस पर उन्होंने कहा, 'हां, फैसला सही था, पर उन्होंने दोआ तोऊजानी के रोने के बारे में कुछ नहीं बताया। स्टेनिमीरा ने सोनिया से होने वाली बाउट के बारे में कहा, 'भारतीय मुक्केबाज कड़ी प्रतिद्वंदी होगी, हमने यहां एक दूसरे के खिलाफ अभ्यास किया था और एक दूसरे के खेल को देखा।'
सात साल पहले मुक्केबाजी खेलना शुरू करने वाली 21 साल की सोनिया बाउट में काफी रक्षात्मक होकर खेल रही थी। दोनों मुक्केबाज दो बार एक दूसरे के ऊपर गिर भी गई जो कुश्ती जैसा दिख रहा था। उन्होंने कहा, 'मैं ऐसा ही खेलती हूं। मैं वैसे भी करीब जाकर नहीं खेलती, दूर से ही खेलती हूं। अच्छी बाउट रही। वह काफी पकड़ रही थी, जिससे दो बार हम गिर भी गये।'
रणनीति के बारे में सोनिया ने कहा, 'मैं उससे दूर होकर ही खेली क्योंकि जब भी मैं उसके पास गई, वो काफी पकड. रही थी और उसने दो बार गिरा भी दिया। इसलिए मैं करीब नहीं गई।' बुल्गारिया की मुक्केबाज से भिड़ने के बारे में उन्होंने कहा, 'यही योजना रहेगी, वो भी मेरी तरह दूर होकर खेलती है।' अंतिम राउंड से पहले कोच कुछ सलाह दे रहे थे, इस पर सोनिया ने कहा, 'वे आत्मविश्वास बढ़ा रहे थे कि आप से अच्छा कोई नहीं है, प्रतियोगिता आपके देश में हो रही है।'