कोविड-19 के कारण ऑनलाइन हो रहे निशानेबाजी टूर्नामेंट ने कोलकाता के एक अस्पताल में कैंसर का इलाज करा रही एक युवा महिला निशानेबाज के चेहरे पर मुस्कान और सकारात्मकता लाने में मदद की है। जूम ऐप के जरिए यह निशानेबाज अस्पताल के बिस्तर से प्रतियोगिता से जुड़ीं। बाद में वह आभासी संवाददाता सम्मेलन का हिस्सा भी बनीं।
उन्होंने कहा, ‘मैं इस मंच पर आकर बहुत खुश हूं। आप सब के साथ होना शानदार है। निशानेबाजी को काफी मिस कर रही थी।’ टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे एक अन्य निशानेबाज ने कीमोथेरेपी से गुजर रहीं इस युवा निशानेबाज को असली चैंपियन कहा। वह चैंपियनशिप की खास मेहमान रहीं। पूर्व शूटर शिमोन शरीफ इस पहल से जुड़े हैं। शिमोन के साथ ओलंपियन जायदीप करमाकर ने भी इस शूटर का अभिनंदन किया। ये दोनों कमेंट्री टीम में थे।
इस तरह लेते हैं निशानेबाज हिस्सा...
प्रतियोगिता में निशानेबाज लाॅगिंग करके जुड़ते हैं और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक टारगेट मिलता है। स्क्रीन पर अर्जित अंक दर्शाए जाते हैं। इंटरनेट पर इसका सजीव प्रसारण होता है और कई बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षक वीडियो चैट करते हैं।
राजपूत और रिज्वी को गोल्ड
प्रतियोगिता के दूसरे चरण में भारतीय निशानेबाजों का दबदबा रहा। संजीव राजपूत और शाहजार रिज्वी ने अपनी स्पर्धा क्रमश: 10 मीटर एयर राइफल और 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल्स में स्वर्ण पदक जीते। राजपूत ने 252.6 अंक लिए और रिज्वी ने 241.7 अंक हासिल किए।