यह पहली बार नहीं है जब इस युवा निशानेबाज ने अधिकारियों की शिकायत की हो, इससे पहले भी वह कई बार अपना विरोध जता चुकी हैं। एक बार तो वह हरियाणा के मंत्री अनिल विज से ही भिड़ गईं थीं। देश की नंबर एक और दुनिया में दूसरी रैंकिंग वाली निशानेबाज ने इससे पहले अपनी इनामी राशि को लेकर हरियाणा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। दरअसल यूथ ओलंपिक गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने पर हरियाणा सरकार ने उन्हें 2 करोड़ रुपए का इनाम देने का वादा किया था।
इसके बाद मनु ने जनवरी 2019 में हरियाणा सरकार के खिलाफ ट्वीट करते हुए आरोप लगाया था कि राज्य सरकार उन्हें इनाम देने का वादा भूल चुकी है और उसे पूरा नहीं कर पाई है। इसके बाद इसे लेकर उनके और हरियाणा के खेल मंत्री अनिल विज के बीच लंबी बहस चली थी।
अनिल विज ने उनकी आलोचना करते हुए कहा था कि मनु भाकर को पहले इस बारे में विभाग से बात करनी चाहिए थी।विभाग के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि उन्हें 2 करोड़ का इनाम मिलेगा। उन्हें इस तरह से इस मामले को बिना सोचे समझे सार्वजनिक तौर पर नहीं लाना चाहिए था। उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
बता दें कि हरियाणा के झज्जर जिले के गोरिया गांव में जन्मीं मनु भाकर पहली बार सुर्खियों में तब आई थीं जब 2018 के आईएसएसएफ वर्ल्डकप में उन्होंने एक साथ दो गोल्ड मेडल जीते थे। इसके बाद उन्होंने यूथ ओलंपिक गेम्स और कॉमनवैल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीतकर भारत को ओलंपिक में पदक की उम्मीद जगा दी।