खिलाड़ियों के लिए लॉकडाउन कई तरह की मुसीबतें लेकर आया, लेकिन विश्व कप में अपना पहला स्वर्ण जीतने वाले ऐश्वर्य प्रताप के लिए यह लॉकडाउन किसी वरदान से कम नहीं रहा। ऐश्वर्य ने डेढ़ साल पहले एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य जीतकर जब ओलंपिक कोटा जीता था तब उनका वजन 58 किलो था। 50 मीटर थ्री पोजिशन में अच्छा करने के लिए कोच उन्हें लंबे समय से वजन बढ़ाने की सलाह दे रहे थे, लेकिन उनका वजन नहीं बढ़ रहा था।
लॉकडाउन में घर पर रहना उनकी मजबूरी बन गई। उनकी गन भी उनके पास नहीं थी, लेकिन जब लॉकडाउन समाप्त हुआ और वह मध्य प्रदेश शूटिंग अकादमी गए तो हैरानी जनक तरीके से उनका वजन 66 किलो हो गया था। कोच के कहने पर उन्होंने दो किलो वजन और बढ़ाया। यह बढ़ा वजन ही था जिसने यहां ऐश्वर्य के अच्छे प्रदर्शन में बड़ी भूमिका निभाई।
मध्य प्रदेश शूटिंग अकादमी में प्रैक्टिस करने वाल ऐश्वर्य खुलासा करते हैं कि काफी कोशिशों के बावजूद उनका वजन नहीं बढ़ रहा था, लेकिन लॉकडाउन में जब उन्होंने घर का खाना खाया तो कमाल हो गया। उस दौरान ज्यादा कुछ करने को था नहीं सिर्फ ड्राई प्रैक्टिस चल रही थी। गन भी पास में नहीं थी। घर पर मां के हाथ का खाना मिल रहा था। बस इसी से कमाल हुआ। वह और कोच भी इसको लेकर बाद में हैरान हुए। अब वह अपने वजन से संतुष्ट हैं। जो उन्हें इस इवेंट में काफी फायदा पहुंचाएगा।
खरगौन के रहने वाले ऐश्वर्य के मुताबिक उनके पिता किसान हैं। उन्होंने साल 2015 में शूटिंग चचेरे भाई नवदीप सिंह को खेलते देख शुरू की। दरअसल उनका पढ़ाई में ज्यादा मन नहीं लगता था तो भाई ने कहा शूटिंग शुरू कर दो। इसके बाद से वह 50 मीटर थ्री पोजिशन में हाथ आजमा रहे हैं।