16 साल की शिवांगी चढ़ेगी एवरेस्ट
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जिस उम्र में बच्चों को खेलने-खाने और शरारतें करने से फुर्सत नहीं मिलती, उस उम्र में विशालकाय पर्वतों से मोहब्बत करने का जुनून हर किसी में पैदा नहीं होता। शिवांगी ने बताया, 'यह जज्बा मेरे अंदर मेरी मां आरती पाठक ने पैदा किया। उन्होंने मुझे हमेशा दूसरों से अलग रास्ता अपनाने की सलाह दी। उनकी सलाह, दुआ और मेहनत से ही आज मैं खुद को इतना काबिल बना पाई हूं कि लोग मुझे 'ईगल ऑफ माउंटेन' कहने लगे हैं।'
शिवांगी आगे बताती हैं, 'एक दिन इंसपिरेशनल डॉक्यूमेंट्री देखने के बाद मां ने मुझसे कहा कि जिंदगी में कुछ अलग करना है तो पहाड़ चढ़। मुझे समझ नहीं आया कि मैं उनकी इस बात का जवाब क्या दूं। लेकिन उनकी ये बात मेरे दिमाग पर इतना असर कर गई कि मैंने उसी रात भाई का फोन चुराया और इंटरनेट पर माउंटेंनिंग के बारे में सर्च करना शुरू कर दिया। यहीं से शुरू हुआ मेरी कामयाबी का सफर।'