रिकॉर्ड नौ बार राष्ट्रीय पुरुष एकल खिताब जीतने वाले शरत ने कहा, 'एशियाई खेलों में प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी है और ओलंपिक में भी अधिकांश यही टीमें खेलेगी, इसके अलावा कुछ यूरोपीय टीमें होंगी। अगर हम एशियाई खेलों में पदक जीत सकते हैं तो ओलंपिक खेलो में पदक काफी दूर नहीं है।'
शरत की अगुआई में भारत की पुरुष टीम ने एशियाई खेलों में जापान की मजबूत टीम को हराकर उलटफेर करते हुए कांस्य पदक हासिल किया जिससे टेबल टेनिस में पदक का भारत का 60 साल का इंतजार खत्म हुआ।
शरत और उभरती हुई स्टार मनिका बत्रा ने मिश्रित युगल में भी हैरान करते हुए कांस्य पदक जीता जिससे ओलंपिक पदक की उम्मीद बंधी है। चेन्नई में जन्में शरत ने कहा कि तोक्यो ओलंपिक खेलों के लिए तैयारी शुरू हो चुकी है।
स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी शरत कमल का मानना है 2020 टोक्यो ओलंपिक की मिश्रित युगल स्पर्धा के लिए क्वालीफाई करना मुश्किल है लेकिन अगर जगह पक्की कर ली गई तो पदक जीतना संभव है।
शरत ने पिछले साल एशियाई खेलों में मनिका बत्रा के साथ मिलकर मिश्रित युगल में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीता था। टोक्यो खेलों में पहली बार मिश्रित युगल को ओलंपिक का हिस्सा बनाया गया है।
शरत ने कहा, 'मुझे लगता है कि पदक (ओलंपिक पदक) जीतने के लिए मिश्रित युगल हमारा सबसे बड़ा मौका है। पहले मैंने और मनिका ने एशियाई खेलों में अच्छा किया। मुझे लगता है कि ओलंपिक खेलों से मुश्किल इन खेलों की क्वालीफाइंग प्रक्रिया है।'
उन्होंने कहा, 'मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं क्योंकि ओलंपिक में सिर्फ 16 टीमें हैं इसलिए आप प्री क्वार्टर फाइनल से शुरुआत करेंगे। अगर आप तीन मैच जीतते हो तो पदक जीत जाओगे लेकिन वहां तक पहुंचने की राह अधिक मुश्किल है।' इनपुट-भाषा