फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूथ ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट शूटर सौरभ ने ठुकराया विदेशी कोच का प्रस्ताव

Mon, 22 Oct 2018 12:43 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
saurabh chaudhary
विज्ञापन

विदेशी कोच अनुबंधित करने के लिए जहां भारत सरकार समेत खेल संघ लाखों रुपये प्रति माह खर्च करने को तैयार हैं और खिलाड़ी भी उन्हीं के संरक्षण में तैयारियां अंजाम देना चाहते हैं। वहीं एक खिलाड़ी ऐसा भी है, जिसने विदेशी कोच रखने का प्रस्ताव ठुकराव दिया है। 

विज्ञापन


एशियाई खेलों के बाद यूथ ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले शूटर सौरभ चौधरी को विदेशी कोच के संरक्षण में तैयारियां करने के प्रस्ताव मिले हैं, लेकिन 16 वर्षीय इस शूटर ने साफ कर दिया है कि उन्हें अपने कोच अमित श्योराण पर पूरा भरोसा है। वह उन्हें छोड़कर नेशनल कैंप के बाहर किसी अन्य कोच के साथ तैयारियां नहीं करना चाहते हैं। 

ब्यूनस आयर्स से गोल्ड जीतकर लौटे बागपत के सौरभ खुलासा करते हैं कि उन्हें कुछ कंपनियों की ओर से निजी विदेशी कोच रखने के लिए प्रस्ताव दिए गए थे। कंपनियों का मानना था कि इससे उनके खेल में और निखार आएगा, लेकिन उन्होंने ऐसा करने मना कर दिया। 
विज्ञापन


सौरभ का कहना है कि जिस कोच के साथ तैयारियां कर एशियाई खेलों का स्वर्ण जीत सकते हैं तो आगे भी वही कोच उन्हें अन्य खेलों का पदक भी दिला सकता है। सौरभ का मानना है कि यूथ ओलंपिक से ज्यादा एशियाई खेलों का गोल्ड जीतना ज्यादा कठिन था। सौरभ का कहना है कि पालेमबांग में मुकाबला ब्यूनस आयर्स की अपेक्षा ज्यादा संघर्षपूर्ण था। उल्लेखनीय है कि सौरभ ने एशियाई खेलों में कई बार के विश्व विजेता कोरियाई जिन जांगओ और जापानी मत्सुदा को हराया था। 

आईओसी म्यूजियम में पिस्टल का प्रतिरूप रखा जाएगा 

शूटर की पिस्टल लेना खतरनाक हो सकता है इसका अंदाजा इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी को भली भांति है। सौरभ खुलासा करते हैं कि लुजान म्यूजियम में उनकी पिस्टल का प्रतिरूप रखा जाएगा। वह स्विटजरलैंड की मोरनी कंपनी की पिस्टल इस्तेमाल करते हैं। 

आईओसी ने उनकी इस्तेमाल की जाने वाली मोरनी पिस्टल का सीरियल नंबर ले लिया है, जिसे वह कंपनी से निकलवाकर म्यूजियम में रखेंगे। यह पिस्टल उन्हीं के नाम से म्यूजियम में रखी जाएगी। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें