रियो ओलंपिक में पदक जीतने के बाद साक्षी मलिक के सम्मान में आयोजित हो रहे समारोहों और बढ़ी व्यवसायिक गतिविधियों ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है। ओलंपिक के बाद इन व्यस्तताओं के कारण तैयारियां नहीं होने के चलते साक्षी ने क्वालीफाई करने के बावजूद यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्लूडब्लू) के गोल्डन ग्रांप्री फाइनल्स में खेलने से इंकार कर दिया है। मजबूरन भारतीय कुश्ती संघ ने 24 से 26 नवंबर तक बाकू (अजरबैजान) में होने जा रहे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए उनके स्थान पर 58 किलो भार में एक अन्य पहलवान सरिता को खिलाने की अनुमति मांगी है।
यूडब्लूडब्लू की ओर से साल के अंत में गोल्डन ग्रांप्री का आयोजन कराया जाता है। इसमें वही पहलवान खेल सकते हैं जिन्होंने ओलंपिक, वर्ल्ड के अलावा कांटीनेंटल (एशियाई, यूरोपीय आदि) चैंपियनशिप में पदक जीता हो। साक्षी देश की एकमात्र ऐसी पहलवान हैं जिन्होंने ओलंपिक के अलावा एशियाई चैंपियनशिप में पदक जीत रखा है। ऐसे में इस टूर्नामेंट खेलने को उन्हें निमंत्रण भेजा गया। सूत्रों के मुताबिक जब कुश्ती संघ ने उनसे टूर्नामेंट में खेलने की बात की तो उन्होंने इंकार कर दिया। उनका तर्क था कि उनकी टूर्नामेंट के लिए तैयारियां नहीं हैं। ऐसे में उनका खेलना ठीक नहीं रहेगा।
बीते दिनों साक्षी ने पीडब्लूएल के समारोह में अमर उजाला से कहा भी था कि ओलंपिक के बाद उनकी व्यस्तताएं इतनी बढ़ गई हैं कि उन्हें तैयारियां करने का समय नहीं मिल पा रहा है। हालांकि वह पीडब्लूएल के बाद देश के लिए एक बार फिर खेलने को जुट जाएंगी।
इस टूर्नामेंट के लिए साक्षी समेत कुल नौ पहलवानों ने क्वालीफाई किया है। बाकू जाने वालों में दो फ्रीस्टाइल (संदीप तोमर-57, विनोद कुमार-70), चार ग्रीको रोमन (गौरव शर्मा-59, गुरप्रीत-75, हरप्रीत-75, नवनीत-120 किलो) और तीन महिला (53-पिंकी, 58-सरिता और 63-रेशमा) पहलवान शामिल हैं। 53 किलो में विनेश ने क्वालीफाई किया था, लेकिन उनके चोटिल होने के चलते पिंकी का नाम भेजा गया है।