भारत के चीफ राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच 45 बरस के पुलेला गोपीचंद बासेल (स्विटजरलैंड) में 19 से 25 अगस्त तक होने वाली बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप (बीडब्ल्यूएफ) में दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी पीवी सिंधु सहित राष्ट्रीय टीम के सभी खिलाडिय़ों से इसके पिछले संस्करण से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं। पिछले संस्करण में भारत के लिए रजत पदक के रूप में एकमात्र पदक अकेली पीवी सिंधु ने ही जीता था। सिंधु इस टूर्नामेंट के पिछले दोनों संस्करण में रजत पदक जीता था। सिंधु इस चैंपियनशिप के पिछले दोनों संस्करण के फाइनल में कैरोलिना मारिन से हार गई थी।
हमारी शीर्ष खिलाड़ी पीवी सिंधु भले ही इस साल अब तक एक भी खिताब नहीं जीत पाई हैं, लेकिन उन्होंने पिछले दो टूर्नामेंट-इंडोनेशिया ओपन के फाइनल और जापान ओपन के क्वॉर्टर फाइनल में जापान की अकानी यामागुची से हारने से पहले इंडोनेशिया ओपन में नोजोमी ओकुहारा और चेन युफीजैसी दुनिया की शीर्ष खिलाडिय़ों को क्रमश: क्वॉर्टर फाइनल और सेमीफाइनल में हरा कर साबित किया कि वह रंग में हैं। एक बात समझनी होगी कि दुनिया की शीर्ष खिलाडिय़ों के बीच आज फर्क बहुत कम है। अहम यह है कि दिन विशेष खिलाड़ी कैसा प्रदर्शन करती या करता है।
साइना नेहवाल का चोट से उबरने के बाद यह पहला टूर्नामेंट होगा ,लेकिन वह पूरे आत्मविश्वास से भरी नजर आ रही हैं और इस बार टूर्नामेंट में बेशक अपना बेहतरीन प्रदर्शन करने के साथ उतरेंगी। साइना ने चोट से उबरने के बाद ट्रेनिंग में बहुत पसीना बहाया है और इस बड़े टूर्नामेंट के लिए जेहनी तौर पर तैयार है। संधू और साइना, दोनों ने इस टूर्नामेंट के लिए पूरी शिद्दत से बेहतरीन तैयारी की है।’
चिराग शेट्टीऔर सात्विक साइराज रेंकीरेड्डी की जोड़ी के चोट के कारण पुरुष डबल्स से हटने से जरूर कड़ा झटका लगा है। चिराग और साइराज की जोड़ी ने विश्व चैंपियन जी जुन हुई और लियू यू चेन की जोड़ी को थाईलैंड ओपन के पुरुष डबल्स फाइनल में हरा कर खिताब जीत कर उलटफेर किया था। सात्विक के हटने से भारत की मिक्स्ड डबल्स में भी पदक जीतने की उम्मीदों को भी झटका लगा क्योंकि वह अश्विनी पोनप्पा के साथ इस चैंपियनशिप में जोड़ीदार के रूप उतरने वाले थे। अश्विनी हालांकि सिकी रेड्डी के साथ महिला डबल्स में भारतीय चुनौती का नेतृत्व करेंगी।