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साई ने रियो पर खेल मंत्रालय को सौंपी रिपोर्ट, खिलाडियों की फिटनेस पर सवाल

Sat, 03 Sep 2016 05:52 AM IST
हेमंत रस्तोगी/नई दिल्ली
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Rio 2016 - फोटो : Twitter
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रियो ओलंपिक में कुछ अनफिट खिलाडियों के भाग लेने पर स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) ने अब आधिकारिक रूप से नाराजगी जता दी है। साई ने मान लिया है कि रियो में कुछ खिलाडियों की फिटनेस परखने में चूक हुई है। साई के महानिदेशक इंजेती श्रीनिवास ने रियो ओलंपिक के अपने दौरे से सबंधित रिपोर्ट खेल मंत्रालय को सौंप दी है। रिपोर्ट में किसी खिलाड़ी का नाम लिए बगैर उनकी फिटनेस पर सवाल उठाए गए हैं। 
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रिपोर्ट में कहा गया है कि यह बेहद गंभीर मामला है। ओलंपिक में कुछ खिलाडियों की फिजिकल फिटनेस के मामले सामने आए हैं। यह साफ तौर पर दर्शाता है कि इस मुद्दे पर अपर्याप्त निगरानी हुई है। कहने का मतलब साफ है कि डीजी कुछ खिलाडियों द्वारा फिजिकल फिटनेस की जानकारी छुपाए जाने से नाराज हैं। इसकी जानकारी नहीं होने के पीछे वह संबंधित फेडरेशन और साई की ओर भी उंगली उठा रहे हैं। 

खिलाड़ी ओलंपिक में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को भी छू नहीं पाए

Rio 2016 - फोटो : PTI

रिपोर्ट में सिर्फ फिटनेस के का मुद्दा ही नहीं उठाया गया बल्कि इसमें यह भी कहा गया है कि कुछ खिलाड़ी ओलंपिक में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को भी छू नहीं पाए। यह मामला भी बेहद चिंतनीय है।महानिदेशक का इशारा उन एथलीटों की ओर है जिन्होंने क्वालीफाइंग दौर में तो राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किए लेकिन ओलंपिक में बद से बदतर प्रदर्शन किया। 

रिपोर्ट में भारतीय दल के खराब प्रदर्शन पर कहा गया है कि इस पर गंभीर चिंतन और सुधारात्मक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, लेकिन मूलभूत परिवर्तन की आवश्यकता नहीं है। साथ ही कुछ मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देने की वकालत भी रिपोर्ट में की गई है। 

प्रशिक्षकों को भी अत्याधुनिक प्रशिक्षण दिया जाए

दीपिका कुमारी - फोटो : PTI


रिपोर्ट में कहा गया है कि कोचिंग के साथ स्पोर्ट्स साइंस को जोड़कर काम करने की जरूरत है। देशी और विदेशी प्रशिक्षकों के काम की भी गहराई से समीक्षा होनी चाहिए। ऐसे विदेशी प्रशिक्षकों को अनुबंधित किया जाए जिनका ट्रैक रिकॉर्ड बेहतर रहा हो। कोचिंग कैंप जरूरत के वक्त ही लगाए जाएं। प्रशिक्षकों को भी अत्याधुनिक प्रशिक्षण दिया जाए। इसके साथ ही रिपोर्ट में खेलों का बजट बढ़ाने पर बल दिया गया है। 

डीजी ने तीरंदाजी, बैडमिंटन, जिम्नास्टिक, हॉकी (पुरुष, महिला), रोइंग, लॉन टेनिस के प्रदर्शन को सराहा है। कुश्ती, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, शूटिंग के प्रदर्शन को मिला जुला बताया है। चार गुणा चार सौ मीटर पुरुष और महिला रिले टीम के साथ चार सौ और आठ सौ मीटर में एथलीटों के प्रदर्शन को निराशाजनक करार दिया है। डीजी ने ललिता बाबर और वॉकर मनीष रावत के प्रदर्शन की प्रशंसा की है।
 
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साइना, विकास की फिटनेस पर उठे थे सवाल

साइना नेहवाल

दरअसल साई ने साइना नेहवाल, योगेश्वर दत्त, विकास गौड़ा जैसे खिलाडिय़ों को पदक का दावेदार बताया था, लेकिन साइना वहां अनफिट निकलीं। योगेश्वर पर भी साई और मंत्रालय के अधिकारियों ने उंगली उठाई। विकास गौड़ा ने अपने को फिट बताया था, लेकिन वहां उनकी कलई खुल गई। वॉकर सपना का केस बेहद गंभीर है। सूत्र बताते हैं कि एथलेटिक फेडरेशन ने इस एथलीट को खराब फिटनेस के चलते रियो नहीं भेजने की सिफारिश की थी, लेकिन साई के दखल के बाद उन्हें भेजा गया। सपना रियो में अपनी रेस भी पूरी नहीं कर पाईं।
 
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