तुर्की में तैयारियां कर जेवेलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा बुधवार की सुबह विदेशी कोच और रोहित यादव के साथ पहुंच रहे हैं। नीरज को एयरपोर्ट पर दिक्कतों का सामना नहीं करने पड़े इसके लिए एथलेटिक फेडरेशन ने स्वास्थ्य, विदेश, गृह, खेल मंत्रालय के अलावा साई को पत्र लिखकर कहा कि अगर खिलाड़ियों पर कोई लक्षण पाए जाते हैं तो ही उन्हें एकांतवास (कोरेंटाइन) में भेजा जाए। वरना उन्हें बाहर आने दिया जाए।
यही नहीं कुछ दिन पूर्व टोक्यो ओलंपिक का टिकट हासिल करने वाले शिवपाल सिंह की पोचेस्ट्रम (दक्षिण अफ्रीका) की तैयारियों को रोक दिया गया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को वापस बुलाया जा रहा है। शिवपाल के साथ थ्रोअर विपिन कसाना, अर्शदीप कोच यू हॉन, समेत छह लोग हैं। इन सभी के लिए भी फेडरेशन ने मंत्रालयों को लिखा है।
अजरबैजान सरकार की ओर से तत्काल खेल गतिविधियों पर विराम लगाने के बाद बाकू में फंसी ग्रीको रोमन कुश्ती टीम वापस देश लौट आई है। खास बात यह है कि किसी भी पहलवान को कोरेंटाइन के लिए नहीं रोका गया। सभी को घर जाने के लिए कहा गया है। यह सब भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के चलते हुआ है।
मुख्य कोच हरगोविंद सिंह ने खुलासा किया कि जैसे ही बाकू में कुश्ती हॉल को बंद करने के आदेश दिए गए। उन्होंने तुरंत भारतीय दूतावास से संपर्क साधा। दूतावास ने बताया कि अगर सोमवार के बाद वे यहां रुकते हैं तो 45 दिनों के लिए फंस जाएंगे। इसके बाद उनका दिल्ली का टिकट कराया गया। हरगोविंद बताते हैं कि यह बाकू एयरपोर्ट से उडने वाली अंतिम फ्लाइट थी। इसके बाद एयरपोर्ट बंद कर दिया जाना था।
इंडियन ग्रांप्री में सिर्फ कैंपरों को अनुमति
एएफआई ने एनआईएस पटियाला में होने वाली इंडियन ग्रांप्री में सिर्फ कैंप में शामिल एथलीटों को भाग लेने की अनुमति दी है। बाहर के एथलीटों को खेलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।