समरकंद (उज्बेकिस्तान) में खेले गए फिडे ग्रैंड स्विस में भारतीय ग्रैंडमास्टर आर वैशाली ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। वैशाली लगातार दूसरी बार यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं। इस जीत के साथ उन्होंने 40,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि के अलावा अगले वर्ष होने वाले कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में भी जगह पक्की कर ली।
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जीत को बताया खास पल
2023 की जीत और इस साल की जीत के बीच तुलना पर वैशाली ने कहा, 'यह कहना मुश्किल है कि कौन सी जीत बेहतर थी। 2023 में मैं संघर्ष कर रही थी, लेकिन जीत के बाद कई चीजें पटरी पर आ गईं। इस साल भी मैंने मेहनत की लेकिन परिणाम अनुकूल नहीं आ रहे थे। यह जीत मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।'
कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में तीसरी भारतीय
वैशाली कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह बनाने वाली तीसरी भारतीय खिलाड़ी बनीं। उनसे पहले दिव्या देशमुख और कोनेरू हम्पी यह उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं।
अनुभव से मिली मजबूती
वैशाली ने कहा, 'पिछले दो वर्षों में मुझे काफी अनुभव मिला। कई मुश्किल पलों का सामना किया, जिसने मुझे खिलाड़ी और इंसान दोनों रूप में मजबूत बनाया। अब मैं पहले से बेहतर खिलाड़ी बन चुकी हूं।'