चूहे, गिलहरी, खरगोश (रोडेंट्स) जैसे जानवरों को मारने में प्रयोग होने वाले जहरीले स्टीमुलेंट स्ट्रीकनीन के सेवन के लिए देश की जानी-मानी वेटलिफ्टर डोप में पकड़ीं गईं हैं। दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में खेलने वाली और दो बार जूनियर एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के अलावा 2008 के पुणे यूथ कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत जीतने वाली उत्तर प्रदेश और रेलवे की लिफ्टर कोलकाता में इस साल हुई नेशनल चैंपियनशिप और इंटर रेलवे चैंपियनशिप में दो जगह डोप में फंसी है।
यही नहीं नेशनल चैंपियनशिप में पदक विजेता दो और लिफ्टर डोप पॉजिटिव निकलीं हैं। पंजाब की इन दोनों लिफ्टरों के सैंपल में मिथेंडिनॉन और स्टेनोजोलॉल जैसे स्टेरायड पाए गए हैं। नेशनल में डोप में फंसने वाले लिफ्टरों की संख्या पांच हो गईं हैं।
पहले भी फंसे हैं इस स्टीमुलेंट से जाने-माने लिफ्टर
प्रतियोगिता के दौरान मांसपेशियों को सिकुडऩे से रोकने में सहायक स्ट्रीकनीन के सेवन का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले देश की जानी लिफ्टर कुुंजारानी देवी और कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट सतीश रॉय इसके सेवन के लिए डोप में फंस चुके हैं। रेलवे के लिए खेलने वाली इस लिफ्टर ने कोलकाता नेशनल में स्वर्ण पदक जीता था।
पॉजिटिव लिफ्टरों के भेजे थे व्हेयर अबाउट
भारतीय भारोत्तोलन संघ का दावा हैै कि नेशनल में फंसने वाले इन पांचों लिफ्टरों समेत ढाई हजार के करीब व्हेयर अबाउट नाडा को जूनियर और सीनियर नेशनल से पहले भेजे गए थे। अगर इनमें से कुछ के सैंपल लिए जाते तो दूसरे लिफ्टरों में सख्ती का संदेश जाता। वहीं इंटर रेलवे बीते वर्ष दिसंबर में हुई थी, लेकिन इसका डोप परिणाम अब आया, जबकि नेशनल इस साल फरवरी में हुई है। डोप परिणाम पहले आता तो इंटर रेलवे में डोप पॉजिटिव आने वाले दो लिफ्टर नेशनल में खेलने से रोके जा सकते थे।
रेलवे-पंजाब पर लगेगा प्रतिबंध
भारोत्तोलन संघ के एंटी डोपिंग नियमों के तहत नेशनल चैंपियनशिप में किसी राज्य या संस्थान के दो या उससे अधिक लिफ्टर पॉजिटिव पाए जाते हैं तो उन पर एक साल का प्रतिबंध लगता है। नेशनल में डोप में आने वाले पांच लिफ्टरों में दो रेलवे और दो पंजाब से हैं। ऐसे में इन दोनों पर एक साल का प्रतिबंध तय है।