विजेंदर सिंह ने अपने प्रोफेशनल बॉक्सिंग में लगातार नवीं जीत हासिल की। मुंबई में चीनी मुक्केबाज जुल्फिकार मैमैतियाली को 10 राउंड तक चले रोचक मुकाबले में मात दी। अंकों के लिहाज से तो मुकाबला तकरीबन बराबर रहा। तीन जजों ने 96-93, 95-94, 95-94 अंक के आधार पर एकमत से विजेंदर को विजेता घोषित किया। इस जीत के साथ ही विजेंदर के नाम दोहरे खिताब हो गए हैं। एक तरफ वो एशिया पेसिफिक सुपर मिडिलवेट का खिताब बचाने में सफल रहे। वहीं दूसरी तरफ डब्ल्यूटीओ ओरिएंटल सुपर मिडिलवेट खिताब भी अपने नाम कर लिया।
विजेंदर के खिलाफ 3 बार जुल्फिकार मैमैतियाली ने फाउल किया जिसकी वजह से विजेंदर परेशान हो गए थे। नवें राउंड में उनकी नाक से भी खून आने लगा था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। विजेता घोषित किए जाने के बाद विजेंदर ने जुल्फिकार मैमैतियाली को खिताब लौटाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सीमा पर शांति के लिए मैं ऐसा कर रहा हूं। मैं चाहता हूं कि दोनों देशों के बीच शांति रहे।
विजेंदर से जब पूछा गया कि वो कुछ थके हुए दिख रहे थे तो उन्होंने कहा जुल्फिकार के तीन फाउल शॉट्स की वजह से वो परेशान हो गए थे। 9वें राउंड में तो पहले विजेंदर की नाक से खून निकलने लगा। उसके बाद जुल्फिकार ने उनके प्राइवेट पार्ट पर ही पंच जड़ दिया। इसके बाद विजेंदर जमीन पर बैठ गए। लेकिन विजेंदर ने मजबूत इरादे दिखाए और वापसी की। मैच के बाद विजेंदर ने मुकाबले से पहले कही बात को दोहराते हुए कहा, चीनी सामान ज्यादा लंबा नहीं टिकता।
शुरुआती तीन राउंड तक दोनों मुक्केबाज बराबरी पर दिख रहे थे। पलड़ा थोड़ा सा जुल्फिकार की तरफ झुक रहा था लेकिन इसके बाद विजेंदर ने वापसी की और बढ़त बनाइ। इसके बाद एक बार फिर जुल्फिकार ने वापसी की। लेकिन छठे राउंड के बाद दोनों मुक्केबाजों पर थकान हावी होने लगी।
विजेंदर अटैक करने से ज्यादा बचाव करते दिख रहे थे। ऐसा लग रहा था जुल्फिकार हावी हो रहे हैं। लेकिन मैच में विजेंदर ने संयम रखा और कोई फाउल नहीं किया जबकि मैच खत्म करने की जल्दबाजी में चीनी मुक्केबाज फाउल कर रहा था। रेफरी ने उन्हें तीन बार वार्निंग दी।
विजेंदर को विजेता घोषित करते ही सारा स्टेडियम खुशी से झूम उठा। विजेंदर ने कहा, मैं अपनी ये जीत भारत-चीन की दोस्ती को समर्पित करता हूं। सीमा पर तनाव चल रहा है हमें शांति चाहिए। आप सब ने देखा कि ये एक मुश्किल मुकाबला था। लेकिन इस बात की खुशी है कि हम विजयी रहे।
मुकाबले के दौरान चोट लगने के बारे में उन्होंने कहा, मुझे कुछ चोट मुकाबले के दौरान लगी ये दुखद है। इनकी वजह से मैं मैच के दौरान परेशान हो गया था। लेकिन मुझे इससे जल्दी उबराना था और मैं ये कर सका।
वहीं जुल्फिकार के ट्रेनर ली ने कहा, विजेंदर एक होशियार खिलाड़ी हैं। उन्हें मालूम है कि रिंग में खुद को कैसे मैनेज किया जाता है। उन्होंने कहा, शुरुआती कुछ राउंड हमारे पक्ष में गए। लेकिन इसके बाद विजेंदर ने कुछ अच्छे पंच लगाकर वापसी की। उन्होंने कहा, अगर हमारे कुछ प्वाइंट नहीं कटते तो विजेंदर जीत हासिल नहीं कर पाते।
विजेंदर ने अब तक खेले 9 फाइट में से 7 मुकाबले नॉक-आउट से जीते हैं, इससे पहले यूरोपियन चैंपियन कैरी हॉप के खिलाफ उन्हें संघर्ष करना पड़ा था। कुछ ऐसा ही जुल्फिकार के खिलाफ भी देखने को मिला।
विजेंदर का हौसला बढ़ाने महानायक अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, गुलशन ग्रोवर, सोनु सूद, संगीतकार अनु मलिक, हॉकी खिलाड़ी धनराज पिल्ले और योगगुरू रामदेव भी पहुंचे थे।