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एशियन गेम्स 2026: सीए का पेशा छोड़कर एशियाई खेलों में पहली भारतीय एमएमए रेफरी बन गईं प्राचीति

Wed, 23 Sep 2026 07:39 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया

सार

महाराष्ट्र की प्राचीति नागपुरकर ने एमएमए रेफरी बनने के अपने सपने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंसी का पेशा छोड़ दिया। एशियाई खेलों में मुकाबले की रेफरी बनने वाली वह पहली भारतीय हैं। प्राचीति ने एशियाड से पहले कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में ऑफिशियल की भूमिका निभाई है।
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प्राचीति - फोटो : Twitter
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विस्तार
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महाराष्ट्र की प्राचीति नागपुरकर ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) मैच रेफरी बनने का सपना पूरा करने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंसी का पेशा छोड़ दिया। वह एशियाई खेलों के किसी मुकाबले में रेफरी बनने वालीं वह पहली भारतीय बन गई हैं। इसके बाद उन्हें इस अच्छे-खासे पैसे वाले पेशे को छोड़ने का कोई पछतावा नहीं है।
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प्राचीति ने एशियाड के सेमीफाइनल मुकाबलों में से एक में मैच रेफरी की भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि वह इस साल एशियाई खेल क्वालिफायर और उज्बेकिस्तान व चीन में एशियाई चैंपियनशिप के साथ-साथ दक्षिण-पूर्व एशियाई खेलों में भी ऑफिशियल के तौर पर काम कर चुकी हैं।

एशियाड की एमएमए प्रतियोगिता में दो और भारतीय ऑफिशियल थे। लेकिन वे रेफरी नहीं जज की भूमिका में थे। साल 2022 में एमएमए से जुड़ीं प्राचीति मुंबई में जिम चलाती हैं, जिसमें वह एमएमए की ट्रेनिंग भी देती हैं। उन्हें उम्मीद है कि एशियाई खेलों में इस खेल के शामिल होने और सुचिका तारियाल के कांस्य पदक जीतने से एमएमए मैचों में अंपायरिंग या रेफरी का काम करने वाले इस पेशे का दायरा बढ़ेगा। 
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