देश के नामी खिलाड़ी पीएम की ओर से दिए गए इस पांच सूत्रीय मंत्र का अपने संदेशों के जरिए कोरोना के खिलाफ लड़ाई में प्रचार करेंगे। पीएम ने खिलाडिय़ों से कहा कि उन्हें अपने संदेश में इन पांच बिंदुओं को शामिल करना है। महामारी से लडने केलिए संकल्प, समाजिक दूरी बनाए रखने का पालन करने के लिए संयम, निरंतर सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए सकारात्मकता, कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सबसे आगे रहने वाले चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ और पुलिस कर्मियों के प्रति आदर जताने केलिए सम्मान और अंत में पीएम केयर फंड में इस महामारी से लडने को आर्थिक योगदान के रूप में किया गया सहयोग।
पीएम ने खिलाड़ियों से कहा कि कोविड-19 पूरी मानवता का दुश्मन है। वर्तमान स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस महामारी के चलते दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहली बार ओलंपिक खेलों को स्थगित किया गया। कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों समेत विंबलडन, आईपीएल के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम को बदलना पड़ा। पीएम ने खिलाड़ियों से कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत की विजय हो। उन्होंने विश्वास जताया कि खिलाड़ी इस लड़ाई में सक्रियतापूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सचिन, सौरव, हिमा दास, विराट कोहली, अजय ठाकुर, युवराज सिंह, मीराबाई चानू, रानी रामपाल, शरद कुमार जैसे खिलाड़ियों ने पीएम को लॉक डाउन के दौरान अपने अनुभवों के बारे में बताया। सचिन ने कहा वह परिवार पुरानी यादों को खंगाल रहे हैं। विराट ने कहा कि लॉकडाउन से ही इस महामारी से निपटा जा सकता है। हिमा दास ने कहा कि 95 प्रतिशत लॉकडाउन सफल रहा है, लेकिन पांच प्रतिशत लोग इसे तोडने में लगे हैं। मीराबाई ने बताया कि वह किस तरह कमरे में ही एक्सरसाइज कर रही हैं। अंत में उन्होंने मणिपुरी भाषा में सामाजिक दूरी बनाए रखने का संदेश दिया, जिसे पीएम ने सराहा।
पीएम से बातचीत में पहले 40 खिलाड़ियों को शामिल किया गया था। बाद में इसमें सचिन, युवराज, सौरव, विराट जैसे नामी क्रिकेटरों को जोड़ा गया। हालांकि पीएम से सभी खिलाड़ियों को बातचीत का मौका नहीं मिल सका। सिर्फ कुछ ही खिलाड़ी बात कर सके। मनु भाकर की मां सुमेधा ने खुलासा किया कि उनकी बेटी ने पीएम से कुछ प्रश्न पूछने थे, लेकिन उसे मौका ही नहीं दिया गया।