पैरा ओलंपिक कमिटी ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने गुरुवार को पैरा स्विमर प्रसांता कर्माकर को तीन साल के लिए सस्पेंड कर दिया है। 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले प्रसांता पर नेशनल महिला स्विमर्स की वीडियो रिकॉर्ड करने का आरोप लगा है। प्रसांता ने पिछले साल जयपुर में आयोजित नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप के दौरान इस शर्मनाक हरकत को अंजाम दिया था।
पीसीआई में स्पोर्ट्स टेक्निकल कमिटी के चेयरमैन डॉ. वीके डबास ने जानकारी दी कि यह घटना पिछले वर्ष 17वें नेशनल पैरा एथलेटिक्स के दौरान हुई। इस घटना में प्रसांता पर जो आरोप लगा था उसमें कमिटी ने उन्हें दोषी पाया है और उन पर तीन वर्ष का प्रतिबंध लगाया गया है।
हालांकि खुद पर लगे सभी आरोपों का खंडन करते हुए प्रसांता ने कहा कि उन्हें इस मामले में जबरन फंसाया जा रहा है । प्रसांता ने इस पूरी घटना को उनके खिलाफ सोची-समझी साजिश करार दिया है।
प्रसांता का कहना है कि यह पूरा मामला एक विशेष फर्जीवाड़े से जुड़ा है। प्रसांता ने कहा, 'खेल जगत में ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने फर्जी सर्टिफिकेट्स के आधार पर मेडल जीते हैं। मैं उन सभी लोगों का पर्दाफाश करना चाहता था। इसलिए मुझे जानबूझकर टारगेट किया गया ताकि असली अपराधियों को बचाया जा सके'