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रियो ओलंपिक में भारत से 17 गुणा पीछे है पाकिस्तान

Tue, 02 Aug 2016 05:36 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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पाकिस्तान अपने खेलों को लेकर गंभीर नहीं है। खेलों की प्रति उसकी नजरअंदाजी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान की ओर से इस बार सिर्फ सात खिलाड़ी ओलंपिक में भाग लेंगे। भारत की ओर से 119 खिलाड़ी ओलंपिक में शिरकत करेंगे।
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भारत के साथ क्रिकेट में बराबरी करने वाले पाकिस्तान के लिए सबसे खराब बात यह है कि बरमूडा जैसे छोटे देश से उससे ज्यादा खिलाड़ी ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर गए। इसके अलावा इस बार पाकिस्तान की हॉकी टीम भी ओलंपिक में नजर नहीं आएगी। यह पहली बार है कि पाकिस्तान की टीम इस बार हॉकी के मैदान में नहीं उतरेगी।

कमाल की बात यह है कि सातों में से किसी भी खिलाड़ी ने अपने प्रदर्शन से इन खेलों में सीधे तरीके से क्वालिफाई नहीं किया है। तीन खिलाड़ियों को महाद्वीप का कोटा दिया गया है और बाकी चार खिलाड़ी वाइल्ड कार्ड के जरिए रियो जाएंगे।
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खिलाड़ी खेल छोड़ कर ढूंढ रहें हैं दूसरा रास्ता

इस बार ओलंपिक में 206 देश हिस्सा लेंगे। आजाद होने के 68 साल बाद पाकिस्तान ने अब तक ओलंपिक में सिर्फ 10 पदक जीते हैं – 8 हॉकी में और दो व्यक्तिगत।

पाकिस्तान के तरफ से शूटिंग, तैराकी और एथेलेटिक्स में दो-दो और एक खिलाड़ी जूड़ो में उतरेगा। पाकिस्तान ने हॉकी, क्रिकेट, स्नूकर और स्क्वॉश में वर्ल्ड चैंपियंस दिए हैं। पाकिस्तानी बॉक्सिंग फेडरेशन का कहना है कि काबिल खिलाड़ियों तक पैसा नहीं पहुंच पाता है। बॉक्सिंग फेडरेशन को 2012 ओलंपिक खेलों के लिए 3 लाख डॉलर दिए गए थे, मगर इसबार सिर्फ 3 हजार डॉलर ही दिए गए।

पाकिस्तान के लिए हॉकी भी एक बड़ा झटका है। तीन बार की गोल्ड विजेता टीम ने आखरी हॉकी पदक 1992 के बार्सिलोना ओलंपिक में कांस्य जीता था। 2008 में आठवें और 2012 में सातवें स्थान पर रहने वाले पाकिस्तान के कई खिलाड़ियों ने खेल छोड़ कर दूसरे अवसर तलाश करने शुरू कर दिए हैं।
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