पाकिस्तान अपने खेलों को लेकर गंभीर नहीं है। खेलों की प्रति उसकी नजरअंदाजी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान की ओर से इस बार सिर्फ सात खिलाड़ी ओलंपिक में भाग लेंगे। भारत की ओर से 119 खिलाड़ी ओलंपिक में शिरकत करेंगे।
भारत के साथ क्रिकेट में बराबरी करने वाले पाकिस्तान के लिए सबसे खराब बात यह है कि बरमूडा जैसे छोटे देश से उससे ज्यादा खिलाड़ी ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर गए। इसके अलावा इस बार पाकिस्तान की हॉकी टीम भी ओलंपिक में नजर नहीं आएगी। यह पहली बार है कि पाकिस्तान की टीम इस बार हॉकी के मैदान में नहीं उतरेगी।
कमाल की बात यह है कि सातों में से किसी भी खिलाड़ी ने अपने प्रदर्शन से इन खेलों में सीधे तरीके से क्वालिफाई नहीं किया है। तीन खिलाड़ियों को महाद्वीप का कोटा दिया गया है और बाकी चार खिलाड़ी वाइल्ड कार्ड के जरिए रियो जाएंगे।